Satna News: सतना बिरला फैक्ट्री की माइनिंग में हैवी ब्लास्टिंग, घरों में आईं दरारें, खौफ के साए में जी रहे लोग
Satna News : जिले में अवैध खनन और ओवरलोड पर अंकुश लगाना जिला प्रशासन के लिए चुनौती साबित हो रहा है। सख्ती के बावजूद शहर के बिरला सीमेंट की माइंस पर हैवी ब्लास्टिंग से खनन हो रहा है। जिसकी धड़क से आधा दर्जन गांव वालों के मकानों में दरार पड़ गई। विभागीय जिम्मेदारों को समस्या से अवगत करवा दिया गया। बावजूद उन्होंने अभी तक मौका निरीक्षण नहीं किया। जिससे ग्रामीणों को भ्रष्टाचार का अंदेशा होने लगा है।

आधा दर्जन गांव वाले खौफ के साए में जी रहे
सतना शहर से लगे आधा दर्जन गांवों में लोग खौफ के साये में जी रहे, यहा हर दिन 3 से 4 बार भूकम्प के कृतिम झटके महसूस कर रहे, पक्के मकानों में दरार पड़ चुकी है तो कुछ मकान जमीदोज भी हो रहे, गुरुवार को 2 घर जमीदोज हुई, गरीबो की गृहस्ती मलबे में दबी हुई है, डर के मारे गरीब परिवार घर से बाहर खुले आसमान में रात बिताने के लिए मजबूर है,
दरअसल सतना बिरला सीमेंट की माइनिंग एरिया से लगे इन गांवों में खनन के लिए हो रही लीज और ब्लास्टिंग से गांव वाले परेशान है, हैवी ब्लास्टिंग की बजह से रोज भूकंप के झटके लग रहे और धरती दहल रही है।

लाइम स्टोन का हो रहा खनन
सालों से इन गांवों में लाइम स्टोन का खनन हो रहा। इन गांवों में बिरला सीमेंट फैक्ट्री की माइंस है जहाँ डिल मशीनों से 35-45 फुट होल किये जा रहे और हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है, पत्थर खनन के लिए की जा रही ब्लास्टिंग की बजह से जमीन दहल रही और भूकम्प जैसे गांव वालों को झटके लग रहे।

प्रतिदिन तीन से चार बार हो रही ब्लास्टिंग
प्रतिदिन यहा 3 से 4 बार ब्लास्टिंग हो रही, कोई टाइम भी निर्धारित नही ऐसे में लोग दहशत में है, पक्के घरों में दरारें पड़ चुकी तो कुछ घर जमीदोज हो चुके। गुरुवार को भी 2 घर ब्लास्टिंग की बजह से खंडहर में तब्दील हो गए, गनीमत रही कि उस समय कोई जनहानि नही हुई क्योंकि परिवार बाहर था। मकान गिरने से 2 परिवार सड़क पर आ गए, पूरी गृहस्थी का सामान मलवे में दब गया, ग्रामीणों की माने तो यहा लोगो का जीना दूभर है, कब क्या हो जाये, पत्थर उड़कर किसे घायल कर दे कुछ कहा नही जा सकता।

कंपनी नया घर बना कर देगी- कलेक्टर
वहीं इस पूरे मामले में जिला कलेक्टर ने कहा कि जिन लोगों के घर ब्लास्टिंग की बजह से गिर रहे उनकी कोशिस होगी कि कम्पनी उन्हें नया घर बनाकर दे। बहरहाल सतना शहर से लगे आधा दर्जन गांव के ग्रामीण वेहद परेशान है, मजबूरी है कि जिंदगी भर की कमाई जोड़ कर पुस्तैनी रूप से रहने वाले लोग जाए तो जाए कहा, कम्पनी और जिला प्रशासन न इन्हें विस्थापित कर रहा न ही कोई मदद ऐसे में लगातार हो रही ब्लास्टिंग की बजह से लोग दहशत के साये में जी रहे है, हालंकि खनन के लिए निर्धारित मापदंड में विस्फोट करने की इजाजद है इसके बाबजूद कम लागत पर अत्यधिक खनन के लिए इन नियमों को ताक में रखा जा रहा और यही बजह है की रोज धरती दहल रही।












Click it and Unblock the Notifications