Satna News: धूल-मिट्टी से सांस लेना मुश्किल, लोग परेशान; चित्रकूट मार्ग में सीवर लाइन के बाद सड़क कब बनेगी?
Satna News: सतना शहर में सीवर लाइन का कार्य लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। सतना चित्रकूट मुख्य मार्ग में करीब 6 साल से कछुआ गति से निर्माण कार्य चल रहा है। सड़कों पर धूल के गुबार लोगों की सेहत बिगाड़ रहा हैं। आये दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
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देश में 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें मध्य प्रदेश की सतना सिटी भी शामिल थी। लेकिन सतना में विकास का घुन ऐसा लगा है कि सड़क से उड़ने वाली धूल फांकने को जनता मजबूर है। शहर की मुख्य सडक़ों का बारिश के बाद बुरा हाल हो गया है।

खासतौर से उन सड़कों का हाल और भी बुरा है जहां पर सीवर लाइन के नाम पर सड़के तोड़ी गई, सडक़ का डामर उखड़ गया है। गिड्टी का जीरा सडक़ पर बिखर गया है। ज्यादातर सडक़ों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
दिन रात उडऩे वाली इस धूल से रहागीर व स्थानीय निवासियों के फेंफड़ों और आंखों में भर रही है। जिससे आंखों की समस्या के साथ ही सर्दी, खांसी और एलर्जी जैसे गंभीर बीमारी के मरीज बढ़ रहे हैं।
ठेकेदार की मनमानी और निगम अमले की लापरवाही से जनता परेशान है। सतना चित्रकूट मार्ग की हालत बद से बत्तर हो चुकी है। सड़क में पानी की छिड़काव नहीं किया जाता है। धूल का गुबार इतना उड़ता है कि आसपास के कारोबारीयो का कारोबार भी प्रभावित होता है।
सड़कों को सीवर पाइपलाइन डालने के नाम पर खोदा जाता है फिर उन्हें इस हालत में छोड़ दिया जाता है। जिससे आने जाने वाले राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे, स्थानीय लोगों की माने तो लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं यहां तक आसपास के क्षेत्र में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।

यहां तक हालात ऐसे हैं कि लोग अपने घरों में खाना नहीं बना पाते हैं। ऐसे धूल से निजात कब मिल पाएगी भगवान ही मालिक है। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त शेर सिंह राणा से सवाल किया गया तो उन्होंने उड़ रही धूल को हल्के में लेते हुए कहा कि ऐसे कामों में धूल उड़ती रहती है। ठेकेदार को उनके द्वारा कहा जाएगा की पानी के छिड़काव किया जाए। आयुक्त ने जल्द समस्या का समाधान का दावा भी किया है।
स्थानीय निवासी नरेश पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि 2019 से सीवर लाइन का काम चल रहा है। करीब 6 साल हो गए लेकिन पूरी तरीके से अभी तक काम नहीं हुआ है। आए दिन एक्सीडेंट में लोगों के हाथ पैर टूट रहे हैं। सीवर लाइन के जो गड्ढे खुदे हुए थे ठेकेदार के द्वारा उन्हें भरा गया है। बोला गया था कि दीपावली तक रोड का डामरीकरण हो जाएगा। लेकिन एकादशी बीतने के बावजूद अभी तक रोड कंप्लीट नहीं हुई है।
सबसे बड़ी समस्या यहां चारों तरफ धूल उड़ रही है। कंकड़ पत्थर कभी दरवाजे पर लगाते हैं कभी सर पर लगाते हैं। स्थानीय लोग दमा रोगी होते जा रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
देखना दिलचस्प होगा कि उड़ रही धूल, गड्ढो वाली सड़क से जनता को कब निजात मिलती है। वैसे तो भारतीय जनता पार्टी की यहां कई वर्षों से काबिज है। सतना में दो दशक से गणेश सिंह सांसद हैं लेकिन सतना के विकास में घुन लगा है।












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