‘न तिरंगा फहराने दिया, न कुर्सी पर बैठने दिया’, एमपी में महिला सरपंच का अपमान
Satna News: मध्य प्रदेश के सतना जिले की एक महिला सरपंच को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली में सम्मानित किया गया है। वही एक महिला सरपंच को अपमानित करने का मामला सामने आया है।
दरअसल, महिला सरपंच को पहले तो 15 अगस्त को ध्वजारोहण से रोका गया वहीं विशेष ग्राम सभा के दौरान कुर्सी में नहीं बैठने दिया गया। अपमान सहन नहीं होने पर सरपंच सभा में हिस्सा नहीं ले सकी। मामला सतना जिले के रामपुर बघेलान जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत अकौना का है।

जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत की महिला सरपंच ग्राम सभा के दौरान खड़ी रही और दूसरी ओर पंचायत सचिव दबंगई के साथ कुर्सी पर बैठकर उप सरपंच के साथ गप्प लड़ाता रहा। कुर्सी मांगने पर दो टूक शब्दों में कहा कि अपने घर से ले आओ।
हद तो तब हो गई जब महिला सरपंच ने कहा कि ये ग्राम सभा है और मेरी कुर्सी कहां है? तो सचिव व उप सरपंच ने कह दिया बैठ जाओ जहां बैठना हो यहा कुर्सी नहीं है।
गांव वालों ने आरोप लगाया है कि ग्रामसभा के दौरान जब वो अपने काम की अर्जी लगाने सचिव विजय सिंह के पास पहुंची तो उप सरपंच धर्मेंद्र सिंह के साथ दरबार में मशगूल सचिव को नगावार गुजर गया और झल्लाते हुए कहा कि मैं तुम्हारा नौकर हूं क्या? विजय सिंह को ये कौन बताए कि वह पंचायत सचिव है और वह जनता का नौकर ही है। सचिव की शिकायत जिला पंचायत सीईओ व कलेक्टर सतना से की गई है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महिला सरपंचों का पीएम ने सम्मानित किया है। जबकि पंचायत में उन्हें अपमानित किया जा रहा है। अकौना ग्राम पंचायत की महिला सरपंच श्रद्धा सिंह जिसे अकौना की जनता ने चुना है। उसका ग्रामसभा के दौरान जनता के सामने अपमान किया गया है। देश के प्रधानमंत्री महिला सरपंच को दिल्ली बुलाकर सम्मान करते हैं वहीं सचिव ही महिला सरपंच का अपमान करता है।
महिला प्रधान के सामने सचिव -उपसरपंच कुर्सी में बैठे पैर हिलाते रहे और सरपंच को जमीन में बैठने की नसीहत दे रहे थे। इसे लेकर अब स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है।












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