'हम आदर्श शहर ही नहीं आदर्श गांव भी बनाएंगे', नितिन गडकरी ने सेमिनार कार्यक्रम को वर्चुअली किया संबोधित
Satna News: चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चतुर्थ अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन रविवार को मध्यप्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के सलाहकार एवं पूर्व मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की मौजूदगी में समसामयिक अनुशंसाओं के साथ संपन्न हो गया। समापन सत्र में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वर्चुअली जुड़कर संबोधित किया।
केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि चित्रकूट गाँव का कार्य करने के लिए एक प्रेरणापुंज है। दुर्भाग्य है कि आज लगभग 30 प्रतिशत ग्रामीण आबादी शहरों की ओर बढ़ रही है। हमें जल, जंगल, जमीन पर कार्य करना होगा। सरकार की योजनाओं से समाज एवं राष्ट्र का विकास होगा परंतु सरकार के द्वारा ही संपूर्ण विकास होगा ऐसा नहीं है। इसके लिए समाज के सभी लोगों को मिलकर सामूहिक प्रयत्न करना होगा। गाँव एवं देश का विकास बिना कृषि विकास के सम्भव नही है।

हमारा अन्नदाता ऊर्जादाता भी बने, सुखांत इंडेक्स में बढ़ोतरी हो, इसके लिए प्रत्येक गांव में 24 घंटे बिजली, अच्छी सड़कें, स्वास्थ्य के लिए अच्छे अस्पताल, बच्चों की शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल के साथ-साथ किसानों/मजदूरों की आय में वृद्धि हो। जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर बने। इसके लिए प्रयत्न करना होगा। कृषि में उत्पादन लागत कम हो और उनकी आय में वृद्धि हो, कृषि पैटर्न पर किसानों को ध्यान देना होगा। इथेनॉल के प्रयोग को बढ़ावा देना होगा रासायनिक खादों के प्रयोग को धीरे-धीरे कम करना होगा। जैव उर्वरकों को बढ़ाना होगा धीरे-धीरे हमें प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा। कंपोस्ट खादों का उपयोग एवं देशी गौवंश विकास पर हमें ध्यान देना होगा। सतत विकास के लिए बायोफर्टिलाइजर का प्रयोग, प्राकृतिक खेती का प्रयोग करना होगा। संचार की सुविधा बढ़ानी होगी, हमें दौड़ने वाले पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रोकने के लिए और रुकने वाले पानी को जमीन को पीने के लिए लगाना होगा, अर्थात गांव का पानी गांव में खेत का पानी खेत में।
पेट्रोल डीजल के स्थान पर सीएनजी का उपयोग करें जिससे गाड़ी का माइलेज भी ठीक होगा और हमारी विदेशों पर निर्भरता कम होगी। जिससे भी हमारी वित्तीय स्थिति सुदृढ होगी। कृषकों। कृषकों को लाभ होगा क्योंकि यह पैसा कृषकों के उत्थान पर खर्च किया जा सकता है। गांव के गरीब किसान और मजदूरों के पास पैसा आएगा तो वह सशक्त और मजबूत होगा। आने वाले समय में तकनीकी का बेहतर उपयोग करके कृषि उत्पादन को बढ़ाना कृषि लागत को घटाना होगा। कृषि विकास का एक मॉडल प्रस्तुत करना होगा। अमेरिका ने सड़कें नहीं बनाई बल्कि सड़कों ने अमेरिका को बनाया है। आदर्श शहर ही नहीं आदर्श गांव भी बनाएंगे, लोग शहर से गांव की ओर आएंगे ऐसा हमारा विश्वास है। हम सब इसके लिए प्रयत्न करेंगे। हम होंगे कामयाब एक दिन हम सब सामूहिक प्रयत्न से नाना जी के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और उनके सपने को साकार करेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि श्रद्धेय नानाजी ने जो ग्रामोदय का सपना देखा है वह साकार हो रहा है। हमें लैंगिक समानता पर घर से शुरुआत करनी होगी। यह विषय हमारे कार्य व्यवहार में भी दिखना चाहिए। सभी कामों में महिला एवं पुरुष दोनों को सहभागी होना चाहिए यहां तक की बच्चों के पालन पोषण में भी दोनों को मिलकर कार्य करना चाहिए। ग्राम वासी अपने स्थानीय संसाधनों से आत्मनिर्भर बने अपने घर में कितनी लैंगिक समानता है इस पर भी हमें विचार करना होगा और इसकी शुरुआत हम की जगह मैं से करनी होगी। हम अपने बच्चों को संस्कार दें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं उन्हें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने दे। बच्चों में संस्कार एवं सामाजिक तत्वों का समावेश सही समय पर करना होगा। हमें अपना नजरिया बदलना होगा, हमें स्वच्छ ऊर्जा के लिए सोलर एनर्जी का उपयोग करें, हमें मातृशक्ति को सशक्त करना है हमें सभी स्तरों पर प्रयत्न करना होगा। हमारी आत्मा गांव में बसती है वहां रहने वाली मातृशक्ति के विकास के लिए सभी सर्वोत्तम प्रयास शासन द्वारा किए जा रहे हैं।
यूपी सीएम सलाहकार एवं पूर्व मुख्य सचिव उत्तरप्रदेश अवनीश अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने से ही विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। असुरक्षा से समाज में सबसे ज्यादा महिलायें/लड़कियाँ एवं कमजोर व गरीब वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। पदमश्री जल पुरुष उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि मैं राष्ट्र ऋषि नाना जी की सामाजिक पाठशाला का सौभाग्य से छात्र हूं। गडकरी जी ने जीरो टॉलरेंस के नीति पर कार्य करने की बात की है। दीनदयाल शोध संस्थान सूरज का कार्य कर रहा है। हमें पानी की पाठशालाएं चलानी होगी, आज पानी के कारण हमारा बांदा क्षेत्र बासमती धान के क्षेत्र में अब आत्मनिर्भर हो रहा है। श्रद्धेय नानाजी के कारण चित्रकूट क्षेत्र का जलस्तर बढ़ा है।
सम्मेलन के संयोजक और डीआरआई के कोषाध्यक्ष वसंत पंडित ने कहा कि एसडीजी का यह चौथा सम्मेलन है। हमें इसे जमीनी स्तर पर प्रमाणित करना है। राष्ट्र ऋषि नाना जी ने राजनीति से सन्यास लेकर जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए पंडित दीनदयाल जी के एकात्म मानव दर्शन का जो सपना पूरा किया है सतत विकास के माध्यम से हमें उसी को आगे बढ़ाना है। हमें इन लक्ष्यों की पूर्ति शीघ्रातिशीघ्र सरकार और समाज के साथ मिलकर करना है। हमें उपभोग करना है किंतु बचत भी, धरती का नुकसान रोकते हुए उपभोग करना है। अतिरिक्त सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार श्रीमती रोली सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मैं लैंगिक समानता पर बात करने आई थी किंतु हमें स्वास्थ्य पर भी बात करना होगी, स्वच्छता पर भी बात करना होगा एवं नवीकरण ऊर्जा पर भी विचार करना होगा। महिला हिंसा रोकने में जो कार्य हो रहे हैं वह प्रशंसनीय है। संगोष्ठी अत्यंत उपयोगी रही, हम सबने एक दूसरे से बहुत सीखा है और इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सामूहिक प्रयत्न करना होगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विमर्श के दौरान प्राप्त सुझावों को संकलित कर यूनाइटेड नेशन एजेंसियों, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों एवं सतत विकास लक्ष्यों के व्यावहारिक कार्य में लगी संस्थाओं और शोध संस्थाओं को क्रियान्वयन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
सत्र के अंत में दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नाना जी की प्रेरणा से उन्हीं की भावनाओं के अनुरूप जनता की पहल और पुरुषार्थ के अनुपम उदाहरण के तौर पर इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला।












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