Sagar: हीरासिंह जिस विभाग के अधीन नौकरी करते थे, अब उसी जिला पंचायत में अध्यक्ष बने
सागर, 31 जुलाई। मप्र की सागर जिला पंचायत में परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत के बड़े भाई हीरासिंह राजपूत निर्विरोध अध्यक्ष बने हैं। उनके चुनाव में कुछ रोचक तथ्य जुडे हैं। दरअसल 22 साल पहले उनकी बहू व गोविंद राजपूत की पत्नी सविता सिंह निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थी, अब जेठ निर्विरोध बने हैं। उस दौर में हीरासिंह ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) में सब इंजीनियर हुआ करते थे और यह विभाग जिला पंचायत के अधीन आता है, उन्होंने नौकरी से वीआरएस ले लिया था, अब उसी जिपं में वे अध्यक्ष पद पर काबिज हो गए हैं।

जिला पंचायत के अधीन RES में ही हीरासिंह राजपूत सब इंजीनियर थे
जिला पंचायत के अधीन आने वाले RES विभाग में एक समय हीरासिंह राजूपत सब इंजीनियर की नौकरी करते थे। उस समय उनकी बहू जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थी। बहू के अध्यक्ष बनने और तत्कालीन राजनीतिक कारणों के चलते वे परेशान थे। परिवार की सहमति से उन्होंने करीब 20 साल पहले विभाग से स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी।

बहू सविता सिंह भी निर्विरोध सदस्य और जिपं अध्यक्ष बनी थी
परिवहन एवं राजस्व मंत्री की पत्नी व जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत के चुनाव में एक समानता है। 22 साल पहले गोविंद राजपूत की पत्नी सविता निर्विरोध जिपं सदस्य चुनी गई थीं, बाद में वे निर्विरोध जिपं अध्यक्ष चुनी गई थीं। उस समय मुख्य भूमिका में गोविंद राजपूत, हीरा सिंह ने गणित बैठाया था। अब ठीक 22 साल बाद ठीक उसी तरीके से पहले जिपं सदस्य और फिर अध्यक्ष पद पर निर्विरोध हीरासिंह की ताजपोशी कराई गई है।

कभी भूपेंद्र सिंह के धुर विरोधी थे, अब उन्हीं के सहयोग से जीते
एक समय सुरखी विधानसभा की राजनीति में गोविंद सिंह राजपूत और भूपेंद्र सिंह ठाकुर में विधायक बनने और वर्चस्व की लडाई चल रही थी। गोविंद और भूपेंद्र ने एक-दूसरे को हराया भी और जीते भी थे। हीरासिंह जब नौकरी में थे, उस समय भूपेंद्र सिंह भाजपा से विधायक थे और विधानसभा में वे उनको लेकर सवाल तक लगा देते थे। नौकरी छोडने का एक बडा कारण यह भी था, लेकिन अब भूपेंद्र सिंह के कारण काफी हद तक हीरासिंह अध्यक्ष बन सके हैं। भूपेंद्र सिंह ने अपने भतीजे, बहू, और परिजनों ने नामांकन वापस कराकर हीरासिंह को निर्विरोध सदस्य बनवाया था।

मंत्री गोपाल भार्गव ने भी खुलकर सपोर्ट किया
PWD मंत्री गोपाल भार्गव गोविंद राजपूत और भूपेंद्र सिंह के बीच बढी नजदीकियों के कारण खफा बताए जा रहे थे, लेकिन एनवक्त पर वे खुलकर सामने आए और हीरासिंह राजपूत को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में अहम भूमिका भी निभाई, खुलकर मोर्चा भी संभाला। वे जिला पंचायत के 24 सदस्यों की बैठक में भी मौजूद रहे। अध्यक्ष के चुनाव के दौरान पूरे समय सुबह से विजय जुलूस निकलने तक खुलकर साथ दिखे। विजय जुलूस के शुभारंभ के दौरान गोविंद राजपूत ने उन्हें माला पहनाकर बधाई भी दी।

प्रदेश के इकलौते निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य बने थे
सागर जिला पंचायत में परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत के बडे भाई हीरासिंह राजपूत निर्विरोध अध्यक्ष बने हैं। इसके पहले वे निर्विरोध ही जिपं सदस्य बने थे। प्रदेश में वे एकमात्र ऐसे सदस्य थे जो निर्विरोध थे। राजपूत परिवार में 22 साल पहले और अब एक सामान पेटर्न पर चुनाव लडा और जीता है। चुनावी तिकडम, विरोधियों को साधना, वरिष्ठ नेताओं में सहमति बनवाना, चुनावी रणनीति सहित सारे गणित बैठाए गए थे।












Click it and Unblock the Notifications