Sagar News: महापौर के बगैर मेयर इन काउंसिल की बैठक, लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय
सागर नगर निगम में बुधवार को संभवतः पहली दफा मेयर इन काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक महापौर संगीता तिवारी के बगैर संपन्न हो गई। बैठक महापौर कक्ष में ही की गई और एक सीनियर पार्षद ने एमआईसी की अध्यक्षता की है।

मध्य प्रदेश के सागर नगर निगम में एमआईसी की बैठकें महापौर की अध्यक्षता में ही आयोजित होती रही हैं, लेकिन निगम में बुधवार मेयर इन काउंसिल की बैठक महापौर संगीता तिवारी की बगैर मौजूदगी में ही बैठक आयोजित की गई। संभवतः यह पहली दफा होगा कि महापौर की गैर मौजूदगी में मेयर के कक्ष में एमआईसी की बैठक आयोजित की गई हो।
मेयर इन काउंसिल की बैठक महापौर संगीता सुशील तिवारी के अपरिहार्य कारणों से उपस्थित न होने की स्थिति में विनेाद तिवारी की अध्यक्षता महापौर परिषद सदस्यों एवं नगर निगम आयुक्त चंद्रशेखर शुक्ला की उपस्थिति में आयोजित की गई। एमआईसी ने निर्णय लिया गया कि मंत्री नगरीय विकास एवं आवास विभाग भूपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में दिनांक 2 अप्रैल 2023 को आयोजित बैठक में डेयरी व्यवस्थापन के लिए पशु पालकों एवं डेयरी मालिकों की संयुक्त बैठक में लिए निर्णय अनुसार पशु पंजीयन एवं 4 समान किश्तों में राशि जमा किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया कि जिन डेयरी संचालकों द्वारा अभी तक पंजीयन नहीं कराया गया है, उन्हें पंजीयन कराने के लिए 15 अप्रैल शनिवार तक का समय दिया जाता है, उसके बाद पंजीयन न कराने वाले यह समझा जाएगा कि डेयरी मालिक पंजीयन कराने के लिए इच्छुक नहीं हैं, ऐसे डेयरी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डेयरी संचालकों को मात्र 2 दिन का समय, फिर कार्रवाई होगी
एमआईसी में निर्णय 11 अप्रैल को कलेक्टर सागर एवं आयुक्त नगर निगम सागर की उपस्थिति में डेयरी संचालकों के मध्य आयोजित बैठक में शनिवार तक की समय-सीमा पर सहमति बनी थी, शनिवार 15 अप्रैल 2023 के बाद किसी भी डेयरी संचालक का पंजीयन नहीं किया जाएगा और न ही राशि जमा करने की कार्यवाही की जाएगी और यह मान जाएगा कि व डेयरी व्यवस्थापन स्थल पर जाने को तैयार नहीं है ऐसे डेयरी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Recommended Video
खुद ही गिरा लें पुराने जर्जर भवन, या मरम्मत करा लें मालिक
शहर में स्थित क्षतिग्रस्त भवनों के संबंध में निर्णय लिया गया कि ऐसे भवन स्वामी स्वयं अपने भवनों को सावधानी पूर्वक गिरा लें अथवा उनकी मरम्मत करा लें जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना ना रहें, अन्यथा नगर निगम द्वारा संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाए। निर्णय लिया गया कि निगम के इंजीनियरों द्वारा शीघ्र ही शहर में स्थित क्षतिग्रस्त भवनों और नालों पर किए अतिक्रमण का सर्वे किया जाए और सर्वे की रिपोर्ट अनुसार संबधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।












Click it and Unblock the Notifications