Sagar Nagar Nigam: 24 घंटे वाटर प्रोजेक्ट कंपनी के काम से पूरी निगम परिषद असंतुष्ट, कार्रवाई की मांग
नगर निगम सागर की सामान्य परिषद की बैठक में पीएम आवास, वाटर प्रोजेक्ट लाड़ली बहना योजना सहित करीब दर्जनभर विषयों पर चर्चा की गई। अधिकांश मुद्दों पर सत्तापक्ष के पार्षद ही अधिकारियों को घेरते नजर आए।

सागर नगर निगम परिषद साधारण सभा की बैठक में शुक्रवार को विकास और शहर में चल रहे प्रोजेक्ट में लेट-लतीफी पर सत्तापक्ष भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दल एक सुर में बात करता नजर आया। सभी पार्षदों ने पीएम आवास, वाटर प्रोजेक्ट, स्वच्छता, निगम मॉर्केट में अतिक्रमण, निगम की दुकानों में किराया वृद्धि पर सभी सहमत नजर आए।

नगर निगम परिषद की आज हुई साधारण सभा की बैठक में निगम क्षेत्र में संचालित आठ शौचालयों के संचालन/संधारण कार्य को आगे बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर निगम अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि सहित अन्य सदस्यों के बीच बहस देखने को मिली। इसी मुद्दे पर परिषद में एक पार्षद भी खुलकर महापौर के समर्थन में खड़े दिखे। करीब 15 मिनिट तक चली बहस के बाद अंतत: परिषद ने पार्षदों की सहमति से उक्त प्रस्ताव पारित कर दिया। दरअसल ननि परिषद का साधारण सम्मेलन आज आयोजित किया गया। परिषद के सम्मेलन के एजेंडे के तहत क्रमांक 13 पर शहर क्षेत्र में संचालित 8 शौचालयों के संचालन/संधारण के कार्य को जो कि 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। उसकी एक वर्ष की अवधि बढ़ाने के एमआईसी का प्रस्ताव रखा गया जिस पर अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने आपत्ति लगाते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद सांसद प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी सहित पार्षद अनूप उर्मिल, हेमंत यादव, शैलेंद्र ठाकुर आदि ने अपनी बात रखी। करीब 20 मिनट तक परिषद में इसे लेकर जमकर वाद-विवाद हुआ। अंतत: पार्षदों के बहुमत के बाद उक्त प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित किए गए हैं
मामले में जब निगम अध्यक्ष अहिरवार से बात की गई तो उनका कहना था कि कुछ मुद्दों पर चर्चा की गई थी। इस मामले में कुछ शर्तों के साथ प्रस्ताव पारित किया गया है। वहीं परिषद की बैठक में टाटा के काम को लेकर सदस्यों ने जमकर नाराजगी जाहिर की अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि अब अगर शहर में पेयजल लाइन के कार्य में कोई कमी सामने आई तो ठेकेदार कंपनी टाटा नहीं बल्कि एमपीयूडीसी और टीसीए के शासकीय कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। प्रधानमंत्री आवास के मामले में आए विषय पर बताया गया कि कनेरादेव में 1500 आवास में से अप्रैल तक 468 आवास बनकर तैयार हो जाएंगे जिन्हें हैंडओवर कर दिया जाएगा।
24 घंटे वाटर सप्लाई ठेकेदार कंपनी टाटा के खिलाफ पार्षदों का निकाल गुस्सा
सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष बब्बू यादव सहित कांग्रेस पार्षद रिचा सिंह के अलावा याकृति जडिय़ा, रूबी पटेल, रोमा हसानी आदि ने भी टाटा कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए। इस दौरान शहर में पाइप लाइन लीकेजों के मामले में निगम के ईई विजय दुबे ने बताया कि 350 लीकेज चिन्हित हुए थे, जिनमें से करीब 200 लीकेज सुधारे जा चुके है। जिस पर पार्षदों ने सवाल उठाए कि बाकी 150 लीकेज कब तक सुधारे जाएंगे। इस दौरान शहर में धीमी गति से चल रहे पाइप लाइन बिछाने के काम को लेकर पार्षदों ने आपति जताई। तय किया गया कि अब यदि काम समय पर नहीं हुए तो कंसल्टेंसी व यूडीसी कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा।
निगम मार्केट में अतिक्रमण, 5 सदस्यीय समिति करेगी जांच
बैठक में नगर निगम मार्केट सहित निगम की अन्य दुकानों का किराया बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर पार्षदों ने बख्शी खाना सहित गुजराती बाजार स्थित निगम मार्केट में दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण का मसला उठाया। मामले में सहायक आयुक्त राजेश सिंह ने कहा कि पूर्व की निगम परिषदों द्वारा बख्शीखाना सहित अन्य निगम के क्षेत्र में दुकानों का आवंटन किया गया. मामले में वृहद जाँच की जरूरत है। मसले पर याकृति जडिय़ा ने भी अपनी बात रखी तो सांसद प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी ने राजस्व के लिए किराया बढ़ाने का समर्थन करते हुए कहा कि जहाँ भी अतिक्रमण है उसे परिषद की सहमति से तोड़ा जाए। इस विषय पर अध्यक्ष श्री अहिरवार ने पांच सदस्यीय समिति के गठन की बात कही जिसे परिषद ने स्वीकार किया। समिति अगली बैठक तक अतिक्रमण मामले में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।












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