Sagar: गोरखपुर के ठगों ने फर्जी NGO खोलकर बेरोजगारों से 28 लाख रुपए ठगे, यूपी से गिरफ्तार
गांवों में बेरोजगार युवाओं को जनशिक्षक बनाने के नाम पर सागर में युवाओं ने ठगी का भंडाफोड़ हुआ था। इस मामले में पुलिस ने फर्जी एनजीओ संचालकों को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया है।

Madhya Pradesh के सागर में तमिलनाडु के एक एनजीओ का फर्जी दफ्तार खोलकर यूपी गोरखपुर के ठगों ने दर्जनों युवाओं को चूना लगा दिया। गांवों में जनशिक्षक भर्ती का झांसा देकर युवाओं से करीब 28 लाख रुपए की ठगी की गई। इस पैसों से ठगों ने लग्जरी कार खरीद ली। पुलिस में शिकायत के बाद इनकी पतासाजी की गई तो लोकेशन यूपी के गोरखपुर में मिली थी। पुलिस की एक टीम ने वहां पहुंचकर दबिश दी तो दो ठग पुलिस के शिकंजे में आ गए।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार शिक्षक भर्ती के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। फर्जी एनजीओ के माध्यम से नाम बदलकर उप्र का यह गैंग सागर में ठगी का कारोबार फैलाए था। सागर पुलिस ने यूपी के जंगल डोंगरी, जिला गोरखपुर से इनको गिरफ्तार किया है। ठगी के आरोपी सागर जिले के ग्रामीण इलाकों के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठगी करके भाग गए थे। पुलिस ने गिरोह के शैलेश कुमार शर्मा और आकाश पासवान को गोरखपुर से पकड़ा है। दोनों युवक नाम बदलकर सागर के बहेरिया इलाके के दद्दाधाम में रह रहे थे।
Recommended Video

सीबीके एज्युकेशन एंड वेलफेयर सर्विसेस के नाम से चला रहे थे एनजीओ
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बहेरिया थाना क्षेत्र के दद्दाधाम में किराए के मकान में सीबीके एजुकेशनल एंड वेलफेयर सर्विसेस के नाम से एक एनजीओ संचालित किया जा रहा था। यह एनजीओ ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाने के लिए जन शिक्षकों को भर्ती करता था। एक से पांच वर्ष के बच्चों को पढ़ाने के लिए बनने वाले वालेंटियर टीचर से एनजीओ रजिस्ट्रेशन के नाम पर 950 रुपए और 4 हजार रुपए सुरक्षा निधि जमा करवाता था। इसके अलावा एनजीओ ने सेंट्रल मैनेजर और फील्ड मैनेजर की भी भर्ती की थी, लगभग 60 फील्ड मैनेजर बनाए थे। वेतन न मिलने के बाद जब शिकायत हुई तो पुलिस ने दद्दाधाम में जाकर एनजीओ के दफ्तर पर पड़ताल की थी। यहां पर संचालक तो नहीं मिले, लेकिन लोकल के युवक-युवतियां मिले थे। इन्होंने दस्तावेज दिखाए थे। पुलिस ने पड़ताल की तो एनजीओ का रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला था।
फर्जी एनजीओ के अधिकारी भी फर्जी नाम से काम कर रहे थे
बहेरिया थाना पुलिस के अनुसार एनजीओ के अधिकारियों के बारे में पता किया, तो उन्हें राहुल राजपूत और अंकुर विश्वकर्मा नाम के दो अधिकारी मिले, जो सारा काम देख रहे थे। पुलिस ने इनकी जांच की तो पता चला कि इन दोनों के नाम फर्जी हैं। दरअसल गोरखपुर जिले के निवासी यह दोनों फर्जी अधिकारी अपने-अपने नाम बदलकर यहां पर यह गिरोह चला रहे थे।
-
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट












Click it and Unblock the Notifications