मीटर रीडर को लाइन सुधारने खंभे पर चढ़ाया, लाइन चालू थी, करंट लगाने ने निकल गए प्राण
मीटर की रीडिंग करने वाले युवक को पटकुई इलाके में 11 केवी लाइन सुधारने चढ़ा दिया गया। लाइन चालू थी और करंट लगने से वह मौके पर ही झुलस गया। खंभे से नीचे आ गिरा और जान निकल गई।

सागर में करंट की चपेट में आने से एक बिजली कर्मचारी की जान चली गई। वह मीटर रीडर का काम करता था और अधिकारियों ने उसे बिजली के खंभे पर बिजली सुधारने चढ़ा दिया। लाइन का परमिट होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन लाइन बंद ही नहीं की गई। खंभे पर चढ़ते ही करंट लगने से उसकी तत्काल मौत हो गई। गुस्साए परिजन और गांव वालों ने रास्ता जाम कर दिया।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार पटकुई इलाके का लल्लेपुरा गांव का रहने वाला धर्मेद्र अहिरवार (30) साल बिजली कंपनी में मीटर रीडर का काम करता था। बीते रोज उसे अधिकारियों ने डीपी सुधरवाने के लिए गैंग के साथ भेज दिया। बताया जा रहा है कि गैंग ने सुधारकार्य कराने के लिए 11 केवी लाइन को बंद करने का परमिट लिया था। इधर किसी ट्रेंड लाइनमैन के बजाय मीटर रीडर धर्मेंद्र को खंभे पर सुधार कार्य करने के लिए चढ़ा दिया गया।
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11 केवी की लाइन चालू थी, करंट लगने से जोरदार झटका लगा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मीटर रीडर धर्मेंद्र जब खंभे पर सुधार कार्य करने के लिए चढ़ा था, उस समय बताया गया कि लाइन बंद है, परमिट दिया गया है, लेकिन जैसे ही वह खंभे पर चढ़ा तो उसे 11 केवी लाइन का जोरदार झटखा लगा और वह एक झटके में झुलसकर नीचे आ गिरा। मौके पर मौजूद साथी उसे तत्काल वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां बताया गया कि उसकी जान निकले काफी देर हो चुकी है। परिजन और गांव के लोग जब उसके शव को पीएम के बाद वापस गांव लेकर पहुंचे तो गुस्से में उन्होंने मौके पर ही शव को रखकर सड़क पर जाम लगा दिया।
विधायक, पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम करने की जानकारी जैसे ही पुलिस, प्रशासन को मिली तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे। इसी दौरान क्षेत्रीय विधायक प्रदीप लारिया भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजन और अधिकारियों से बात करसहायता के लिए रेडक्रॉस से 50 हजार रुपए, परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी, पीएफ राशि दोगुनी सहित अन्य विभागीय मदद जल्द से जल्द दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खत्म किया गया।












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