Sagar: गरीबों से रिश्वत लेने वाले भ्रष्ट बाबू को 4 साल की सजा, जेल भेजा

सागर, 9 सितंबर। मप्र के सागर की रहली तहसील में पदस्थ एक क्लर्क को बीपीएल के राशन कार्ड बनाने के एवज में गरीब परिवार से रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाया गया है। कोर्ट ने भ्रष्ट बाबू को 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं। परिवार के दो राशन कार्ड के लिए वह 4 हजार रुपए रिश्वत पहले ले चुका था, 6 हजार की रिश्वत और मांग रहा था।

रिश्वत की सजा

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विशेष न्यायालय में लोकायुक्त पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रकरण में रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए रहली तहसील में पदस्थ भ्रष्ट बाबू महेंद्र खरे को 4 साल का साश्रम कारावास की सजा सुनाई हैं। क्लर्क खरे के खिलाफ आवेदक साहब सिंह ने लोकायुक्त एसपी से लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मामा के लडऋके धीरज सिंह व रामदास के बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए तिखी ग्राम पंचायत से फाइल कम्प्लीट कराने के बाद उसे रहली तहसील कार्यालय में पहुंचाया गया था। यहां क्लर्क महेंद्र खरे ने उक्त फाइल को तीन महीने तक लटकाकर रखा था। वे पहले दोनों राशन कार्ड बनवाने के लिए 4 हजार रुपए रिश्वत ले चुके थे। बाद में मुकर गए और 6 हजार रुपए रिश्वत के और देने को कहने लगे। इससे परेशान होकर साहब सिंह ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी।

पुनः विचारण अर्जी भी आरोपी ने कोर्ट में दाखिल की थी
पुलिस ने रहली तहसील से मौके पर ही बाबू महेंद्र खरे को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिफ्तार किया था। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। मामले में आरोपी के द्वारा विचारण की मांग की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने विचारण प्रारंभ किया था। इस दौरान अभियोजन द्वारा कोर्ट में रखे गए साक्ष्यों, सबूतों और गवाहों के अनुसार क्लर्क को रिश्वत लेने के आरोप का दोषी पाते हुए 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

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