Sagar: पति की मौत के 9 साल बाद निभाया साथ लिया संकल्प, बीएमसी को देहदान
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में एक दानी महिला ने मृत्यु के बाद देहदान किया गया है। यह 35 वीं देह है जो बीएमसी के एनाटॉमी विभाग के सुपुर्द की गई है।

Body donation: सागर के गोपालगंज क्षेत्र में रहने वाले तोपखाना परिवार ने अपने पिता के संकल्प और सिद्धांत व परमार्थ को आत्मसात करते हुए देहदान को परंपरा में शामिल कर लिया है। पति ने 9 साल पहले मृत्यु से पूर्व परिवार के सामने देहदान का संकल्प लिया तो पत्नी ने भी उन्हें अपनी देहदान का वचन दिया था। पति के देहदान के 9 साल बाद जब अंतिम समय निकट आया तो पत्नी ने भी बेटे के सामने उनकी देहदान की बात कही थी। बीते रोज उनकी सांसे थमने के बाद देह को बीएमसी के एनाटॉमी विभाग को दान कर दी गई है। बेटे निजी विवि में कार्यकारी कुलपति हैं और उन्होंने अपने परिवार के अन्य सदस्यों सहित देहदान का संकल्प लिया है।

मप्र के सागर जिले में शहर की पोद्दार कॉलोनी का एक परिवार है जो देहदान के लिए संकल्पित है। नौ साल पहले बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को देहदान करने वाले स्वर्गीय विजय कृष्ण तोपखाने की पत्नी वैशाली तोपखाने के निधन के बाद एनोटॉमी विभाग को उनकी देह भी बुधवार को दान कर दी गई। स्वर्गीय विजयकृष्ण तोपखाने ने मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जब लंबे समय तक एनाटॉमी विभाग को डेडबॉडी नहीं मिली थी, उस समय स्व. विजय कृष्ण तोपखाने ने सूचनाओं के बाद निर्णय ले लिया था कि मृत्यु के बाद उनकी देह दान कर दी जाए। जनवरी 2012 में उनके निधन के बाद परिवार से पहली देहदान की गई थी।
पत्नी ने भी पति की राह पर चलकर देह दान कर दी
स्व. विजय कृष्ण तोपखाने की पत्नी वैशाली देवी ने भी अपने पति के साथ लिए देहदान के संकल्प को पूराकरते हुए राह चुनी और अपनी देह दान किये जाने का निर्णय लिया। उनके परिवार ने तमाम रीति-रिवाज व धर्म अनुसार कर्मकांड की रस्में पूरी कर उनकी देह को बीएमसी पहुंचकर एनाटॉमी विभाग को सौंप दी है।
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अब 35 से अधिक देहदान हो चुकी हैं
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के एनाटॉमी विभाग के माड्यूर वृंदावन मालवीय ने बताया कि बीएमसी में समय-समय पर देहदान होती रही है। अब तक यहां महिला-पुरुष मिलाकर 35 से अधिक देहदान हो चुके हैं। साल में एनाटॉमी विभाग के अधीन एमबीबीएस कोर्स के पहले साल में शरीर विज्ञान की कक्षाओं में एक पुरुष व एक फीमेल बॉडी के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है।












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