नौरादेही: टाइगर अभी जिंदा है! बाघ N-3 टाइगर बाड़े के पास मिला, टेरेटरी फाइट के बाद जंगल में चला गया था
मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित नौरादेही मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित नौरादेही (Nauradehi) वन्य प्राणी अभयारण्य में टाइगर N-3 की सरगर्मी से सर्चिंग चल रही थी। करीब 21 से 22 दिन बाद वह गश्ती कर रहे हाथी दल को मिल गया है। उसके घायल होने की संभावना जताई जा रही थी, उसकी स्थिति कैसी है, इसको लेकर वन विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। हालांकि यह राहत की खबर है कि टाइगर एन-3 अभी जिंदा है और सकुशल वापस आ गया है। वन्य प्राणी अभयारण्य में टाइगर N-3 की सरगर्मी से सर्चिंग चल रही थी। करीब 21 से 22 दिन बाद वह गश्ती कर रहे हाथी दल को मिल गया है। उसके घालय होने की संभावना जताई जा रही थी, उसकी स्थिति कैसी है, इसको लेकर वन विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं।

वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नौरादेही में टाइगर N-2 (किशन) को टेरेटरी फाइट में गंभीर रूप से घायल करने वाला खुंखार बाघ जंगलों में गुम हो गया था। इधर इलाज के दौरान पांच दिन के अंदर घायल बाघ व नौरादेही के किंग टाइगर की मौत हो गई थी। जबकि अमला N-3 के पगमार्क के पीछे-पीछे जंगल की खाक छान रहा था।
टाइगर बाड़े के पास मिला, यह N-2 का इलाका था
सूत्र बताते हैं कि वह नौरादेही रेंज के निकट टाइगर बाड़े के पास मिल गया है। बताया जा रहा है कि वह वापस लौट आया है। चूंकी टाइगर बाड़ा व नौरादेही रेंज को टाइगर एन-2 ने अपनी टेरेटरी बना रखा था। उसकी मौत के बाद अब इस इलाके पर एन-3 का राज चलेगा व बाघिन राधा और अन्य बाघिन पर भी उसका ही कब्जा हो जाएगा। हालांकि युवा बाघिन और उनके शावकों को इससे जान का खतरा भी बन गया है।
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N-3 को मिलाकर अब 15 टाइगर
नौरादेही में N-3 को मिलाकर अब कुल 15 टाइगर बचे हैं। इनमें उम्रदराज बाघों में केवल राधा अर्थात एन-1 बाघिन ही कहलानी। इसके अलावा बाघ राधा-किशन के पहले लिटर से जन्मे 3 शावक जो अब बड़े हो चुके हैं और उन्होंने भी शावकों को जन्म दिया है। जबकि एन-3 टाइगर जिसने टेरेटरी पर कब्जा जमाया है, वह रातापानी से नेच्युरल कॉरीडोर से होकर यहां आ गया था, जो वापस नहीं गया। शावकों को मिलाकर कुल 15 टाइगर मौजूद हैं।












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