MP Election 2023: भाजपा में फिर प्रत्याशी तलाश रही कांग्रेस, मेल-मुलाकातों का दौर शुरू
परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह की सुरखी विधानसभा सीट पर कांग्रेस एक बार फिर भाजपा में ही चेहरा तलाश रही है। पहले भी यहां विरोधी दलों से असंतुष्ठों पर कांग्रेस दांव खेल चुकी है।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस आला कमान लगातार भाजपा के दिग्गजों के संपर्क में होने और चुनाव से पहले उनके पार्टी में आने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा में चल रहे आपसी मतभेद से भी कांग्रेस को फायदा मिल सकता है। बात सागर की करें तो यहां राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह के बीच आपसी मतभेद बढ़ता जा रहा है। मंत्री गोविंद सिंह के बेटे आकाश राजपूत और समर्थक देवेंद्र फुसकेले के द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद अब मंत्री भूपेंद्र सिंह के समर्थक भी खुलकर सामने आने लगे हैं। मंत्री सिंह के खेमे से आने वाले मप्र खनिज विकास निगम उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मोकलपुर ने हाल ही में कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से भोपाल में उनके कार्यालय जाकर मुलाकात की। हालांकि उन्होंने इस मुलाकात को सौजन्य भेंट बताया है, लेकिन उनके सोशल मीडिया पेज पर पिछले कुछ दिनों से लगातार सुरखी विधानसभा को लेकर रील्स और फोटोज डाली जा रही है, जो कि सीधे तौर पर संकेत हैं कि मोकलपुर अब भी सुरखी विधानसभा से चुनाव लडऩे की चाहत रखते हैं।
मोकलपुर ने राजपूत से अनबन के चलते ही कांग्रेस छोड़ी थी
मप्र खनिज विकास निगम उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मोकलपुर कांग्रेस से विधायक गोविंद राजपूत से अनबन के चलते वर्ष 2008 में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें सुरखी विधानसभा से टिकट भी दिया था, लेकिन वे गोविंद सिंह राजपूत से चुनाव हार गए थे और इसके बाद दोनों के बीच आपसी मतभेद बढ़ते गए। मंत्री गोविंद सिंह जब भाजपा में शामिल होकर उपचुनाव के लिए उतरे तो शुरुआत में राजेंद्र सिंह ने उनका साथ नहीं दिया, लेकिन बाद में राजेंद्र सिंह को मनाने के लिए खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आए और दोनों के बीच गिले-शिकवे दूर किए। इतना ही नहीं राजेंद्र सिंह को खनिज विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाकर राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया, लेकिन अब जब दोनों मंत्रियों के बीच फिर से मतभेद की दीवार खड़ी हो गई है तो ऐसे में मंत्री भूपेंद्र सिंह के खेमे से आने वाले राजेंद्र सिंह मोकलपुर की कांग्रेस नेता अजय सिंह से मुलाकात ने राजनैतिक गलियारों में सरगर्मी फैला दी है।
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उपचुनाव में भाजपा से ही पारूल को लाए थे कमलनाथ
सुरखी विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के पास फिलहाल कोई बड़ा चेहरा नहीं है। यही वजह है कि उपचुनाव में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ भाजपा से पारूल साहू को कांग्रेस में लाए थे। पारूल ने 2013 के विधानसभा चुनाव में गोविंद सिंह को सुरखी में हराकर विधायकी हासिल की थी, लेकिन उपचुनाव में उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। वहीं अब 2023 के लिए पारूल फिलहाल सुरखी में सक्रिय नहीं है। ऐसे में कांग्रेस दोबारा भाजपा में ही बड़ा चेहरा तलाश रही है, जो गोविंद सिंह को उनके गढ़ में टक्कर दे सके। वहीं सुरखी में गोविंद सिंह का खुलकर विरोध कर रहे भाजपा से निष्कासित नेता राजकुमार धनौरा से भी कांग्रेस को फायदा मिलने की उम्मीद है।












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