कांग्रेस ने Sagar विधानसभा का टिकट सागर मूल के डिस्ट्रिक्ट जज को किया ऑफर, VRS पर फैसला अटका
MP Assembly Elections 2023: विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर मप्र कांग्रेस की तरफ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर विधानसभा से कांग्रेस अलाकमान ने सागर मूल के एक डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट स्तर के न्यायाधीश को टिकट आफर की है। हालांकि उनकी तरफ से अभी जवाब सामने नहीं आया है। सूत्र बताते हैं कि मामला वीआरएस की प्रक्रिया को लेकर अटका हुआ है।

मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में रविवार को पारा चढ़ा हुआ नजर आ रहा था। सोशल मीडिया पर मालवा इलाके से एक मैसेज प्रदेश भर में तेजी से वायरल हो रहा था। इसमें उल्लेख है कि कांग्रेस पार्टी ने सागर विधानसभा क्षेत्र में चौंकाने वाला प्रत्याशी उतारने की तैयारी की है। पार्टी ने सागर के मूल निवासी एक डिस्ट्रिक्ट जज को टिकट देने की पेशकश कर दी है। जज महोदय संभवतः मंगलवार तक इस विषय में कोई निर्णय कर सकते हैं।। मैसेज वायरल होने के बाद कयास लगाए जाने लगे। मीडिया और कांंग्रेस ही नहीं भाजपा हलकों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई।
वनइंडिया ने इस मामले में पड़ताल की तो मामला लगभग सही है। सागर मूल के एक न्यायाधीश मालवा इलाके में पदस्थ हैं। ये पूर्व में समाजसेवा से भी जुड़े रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इनको न्यायपालिका कीसेवा में रहते हुए ही टिकट आफर कर दी है। सूत्र बताते हैं कि न्यायाधीश महोदय ने अभी पार्टी को कोई जवाब नहीं दिया है। चूंकी चुनाव में हार-जीत की क्या स्थिति बनेगी, परिवार का उनके वीआरएस लेने और चुनाव लड़ने को लेकर क्या नजरिया है? परिजन क्या सोचते हैं ? न्यायपालिका के प्रोटोकाल से सीधे बाहर निकलकर चुनाव मैदान में कूदना और फिर मंजे हुए नेताओं और राजनेताओं से सीधी चुनावी फाइट, चुनाव में कितना खर्च आएगा? क्या पार्टी चुनाव का पूरा खर्च उठाएगी या नहीं जैसे सवालों को लेकर मामला अटका हुआ है। दूसरी तरफ सूत्र बताते हैं कि न्यायपालिका से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया में कितने दिन लगेंगे? चुनाव से पहले वीआरएस मिल सकती है या नहीं, इनको लेकर मामला फिलहाल अटका हुआ है।
भाजपा के शैलेंद्र जैन 15 साल से लगातार विधायक हैं
हम अपने पाठकों को बताते चले कि सागर से विधायक शैलेंद्र जैन पिछले 15 साल से क्षेत्र की जनता का विधानसभा में नेतृत्व कर रहे हैं। वे 2008 में पहली दफा विधायक बने थे, उसके बाद 2013 और फिर 2018 का चुनाव अच्छे मतों से जीते हैं। सागर में उनकी छवि मिलनसार व लगातार क्षेत्र में सक्रिय, शहर के विकास के एक-एक काम को व्यक्तिगत रूप से कराने वालों की है। भाजपा से उनका टिकट चौथी दफा फाइनल माना जा रहा है। यदि कांग्रेस की तरफ से न्यायाधीश नौकरी छोड़कर या VRS लेकर चुनाव मैदान में कूदते हैं तो मुकाबला रोचक और कांटे का होगा।












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