पिता जानें माने कांट्रेक्टर बेटा सिविल इंजीनियर अब डिप्टी सीएम, राजेंद्र शुक्ल के बारे में जानिए सब कुछ यहां
Rajendra Shukla: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया है। उनके साथ जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। पार्टी के शुक्ला को जिम्मेदारी देने की एक वजह विंध्य क्षेत्र में भाजपा के आधार को मजबूत करने में उनके योगदान को मान्यता देना है।
विंध्य कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। राजेंद्र शुक्ला रीवा सीट से 5 बार विधायक चुने गए हैं। इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले 59 वर्षीय राजेंद्र पिछले 15 सालों में क्षेत्र में एक प्रमुख ब्राह्मण नेता के रूप में उभरे हैं।

राजेंद्र शुक्ला का जन्म रीवा में 03 अगस्त 1964 को हुआ था। शुक्ला की प्राथमिक शिक्षा रीवा के महारानी प्रवीण कुमारी विद्यालय से हुई थी। जिसके बाद राजेंद्र शुक्ल ने वर्ष 1986 में रीवा के इंजीनियरिंग कॉलेज से बैचुलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।
इस दौरान राजेंद्र शुक्ल 1985 और 86 में इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा के छात्र संघ के अध्यक्ष भी बने थे। तथा बर्ष 1998 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाए गए। वर्ष 2003 में रीवा विधान सभा सीट से सर्वाधिक वोटो से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे।
राजेन्द्र शुक्ल के पिता भईया लाल शुक्ला मध्य प्रदेश के एक बड़े कांट्रेक्टर थे जिनकी ईमानदारी और कार्य करने की चर्चा समूचे प्रदेश में आज भी की जाती है। राजेंद्र शुक्ला के कार्यकाल के दौरान रीवा को कई बड़ी सौगाते मिली जिससे आज रीवा की गिनती महानगरो में होने लगी है। रीवा के गुढ़ मे एशिया के दूसरा सबसे बडा सोलर पॉवर प्लांट स्थापित हुआ।
रीवा में स्पोर्टस कांप्लेक्स का निमार्ण हुआ। इसके अलावा बीहर नदी में भव्य इको पार्क का निर्माण, मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी का निर्माण हुआ। सुपर स्पेशलिटी हॉपिटल, हवाई अड्डे की सौगात, कृष्णा राजकपूर एडिटोरियम, शहर में तीन फ्लाई ओवर की सौगात के अलावा अन्य निमार्ण कार्य राजेन्द्र शुक्ल के द्वारा कराए गए।
राजेंद्र शुक्ला ने (दिवंगत) अर्जुन सिंह और (दिवंगत) श्रीनिवास तिवारी जैसे पूर्व कांग्रेसी दिग्गजों के प्रभाव को चुनौती दी है। जिनका 2013 विंध्य क्षेत्र में दबदबा था। हाल के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने विंध्य क्षेत्र की 30 में से 25 सीटें जीतीं। 2018 में पार्टी को 24 सीटों पर जीत मिली थी। शुक्ला ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए अपने नाम की घोषणा से पहले क्षेत्र में पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन पर विश्वास व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था 2018 में भाजपा ने विंध्य क्षेत्र से 24 सीटें जीती थीं, इसलिए, मुझे पूरा विश्वास था कि हम वही प्रदर्शन दोहराएंगे। जब नतीजे आए तो संख्या 24 से बढ़कर 25 हो गई।












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