झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन ने कहा- आजकल लड़कियों की ग्रोथ को देखते हुए इसे घटाकर 16 साल करना चाहिए था
रांची। बुधवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल ने लड़कियों के विवाह के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने के विधेयक को मंजूरी दे दी। यह कानून सभी धर्मों और वर्गों में लड़कियों के विवाह की न्यूतम उम्र बदल जाएगी। वहीं इस फैसले का एक तरफ जहां लोग समर्थन कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में झारखंड के मंत्री ने केंद्र सरकार के इस फैसला का विरोध किया है। विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाफिजुल हसन ने कहा कि सरकार को इसे बढ़ाने के बजाय लड़कियों के लिए विवाह योग्य उम्र कम करनी चाहिए थी। आजकल लड़कियों की ग्रोथ को देखते हुए इसे घटाकर 16 साल कर दिया जाना चाहिए अगर नहीं तो इसे 18 साल पर ही रहने दें।

वहीं भाजपा ने मंत्री हाफिजुल हसन के इस बयान का विरोध किया है। मंत्री के बयान का भाजपा ने विरोध किया है। विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक और बोकारो से विधायक विरंची नारायण ने कहा कि एक मंत्री को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। वे पार्टी के वरिष्ठ नेता भी हैं।
झारखंड में लड़कियों की शादी औसत आयु की उम्र देश के औसत आयु से 13 फीसदी अधिक है। अभी भी देश में 23.3 फीसदी लड़कियों का विवाह 18 साल कम उम्र में हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत 27 फीसदी है। यानी हर 4 में से एक लड़की का विवाह 18 साल से कम उम्र में होता है। बता दें कि हाल ही में राष्ट्रीय परिवार कल्याण सर्वेक्षण के परिणाम बताते हैं कि झारखंड में 36.1 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में हो जाती है।
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का विवादित बयान सामने आया है। बर्क ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र सीमा बढ़ाने से वो और ज्यादा आवारगी करेंगी। बता दें, गुरुवार को कैबिनेट ने लड़कियों की शादी की उम्र सीमा लड़कों के बराबर यानी 21 साल करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
बता दें, कैबिनेट की बैठक में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र बढ़ाने से जुड़े एक बिल को मंजूरी मिल गई है। एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से दिए गए अपने भाषण में लड़कियों के शादी की न्यूनतम उम्र सीमा जल्द ही 18 से बढ़ाकर 21 साल किए जाने के संकेत दिए थे। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इससे जुड़े बिल को संसद के इसी सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। शादी की उम्र सीमा बढ़ाने के लिए बाल विवाह क़ानून में संशोधन किया जाएगा। इस कानून में फिलहाल लड़कियों के शादी की उम्र सीमा 18 तय की हुई है।












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