Rampur News: खेत में भरे पानी से आग बुलबुले देख घबराए ग्रामीण, घटना बनी चिंता और चर्चा का कारण
Rampur News: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर बसे टांडा खेम गांव में एक खेत से अचानक उठते आग के बुलबुलों ने सबको चौंका दिया। खेत में पानी भरा हुआ था, लेकिन भीतर से बुलबुले उठते और सतह पर आते ही जलने लगते। यह नजारा दोपहर से लेकर देर रात तक चलता रहा।
बताया जा रहा है कि गांव के किसान हंसराज कंबोज अपने खेत में धान की बुवाई के लिए तैयारी कर रहे थे। जुताई के बाद जैसे ही खेत में पानी डाला गया, अचानक गड़गड़ाहट जैसी आवाजें आने लगीं। कुछ ही देर में जमीन के नीचे से बुलबुले फूटे और उनसे चमकदार लपटें उठने लगीं।

यह खबर गांव में आग की तरह फैली और बड़ी संख्या में ग्रामीण खेत पर पहुंच गए। लोग इस अनोखी घटना को देखकर हैरान रह गए। कुछ ने इसे दैवीय संकेत माना तो कुछ ने इसे विज्ञान से जोड़कर रासायनिक प्रक्रिया का परिणाम बताया।
खेत बना चर्चा का केंद्र
गांव वालों का कहना है कि खेत पूरी तरह सूखा था, लेकिन पानी भरते ही स्थिति बदली। दोपहर करीब तीन बजे से यह सिलसिला शुरू हुआ और रात दस बजे तक चलता रहा। बुलबुले उठते ही चिंगारी की तरह आग निकलती और साथ में सफेद धुआं भी दिखाई देता।
घटना को देखने वालों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल रहे। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे तो कुछ धार्मिक मंत्र पढ़ते नजर आए। गांव में अफवाहें फैल गईं कि यह कोई दैवी चमत्कार है या जमीन के भीतर कुछ छिपा हुआ है।
मौके पर पहुंची पुलिस और बिजली विभाग की टीम
हालात को देखते हुए गांव वालों ने स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। बिजली विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कोई तार या उपकरण खेत में नहीं मिला। बिजली आपूर्ति भी उस समय बंद थी, फिर भी पानी से आग के बुलबुले उठते नजर आए।
ऐसे में ग्रामीणों और टीम में यह आशंका भी खत्म हो गई कि कहीं बिजली के तार के कारण आग लग रही हो। खेत में कोई करंट या तार नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मामला प्राकृतिक या रासायनिक हो सकता है।
गैस रिसाव की संभावना पर चर्चा
कुछ ग्रामीणों का मानना है कि जमीन के नीचे से कोई गैस निकल रही है, जो पानी और हवा के संपर्क में आते ही आग पकड़ रही है। यह प्रक्रिया छह से सात घंटे तक लगातार चलती रही। हर बार बुलबुले के साथ धुआं और लपटें निकलती रहीं।
इस घटना से परेशान ग्रामीणों द्वारा प्रशासन से अपील की है कि वैज्ञानिक जांच करवाई जाए ताकि असली वजह सामने आ सके। अभी तक किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है कि लपटों के पीछे कारण क्या है।
इस घटना के बाद से खेत में धान रोपाई का काम बंद है। इतना ही नहीं अब उस खेत में मजदूर अब धान लगाने से कतरा रहे हैं। वहीं, गांव के आसपास के इलाके में भी यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। टांडा खेम गांव अचानक मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में आ गया है।












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