रामपुर: एक परिवार की दो महिलाएं तीन माह में बनीं इस गांव की प्रधान, दोनों की हो गई मौत
रामपुर: एक परिवार की दो महिलाएं तीन माह में बनीं इस गांव की प्रधान, दोनों की हो गई मौत
रामपुर, 27 अगस्त: खबर उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से है। यहां तीन महीने में एक परिवार की दो महिलाओं की मौत हो गई। दोनों महिलाओं की मौत ग्राम प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद हुई। बता दें, दोनों रिश्ते में सास-बहू थीं। वहीं, अब यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह मामला रामपुर जिले के स्वार क्षेत्र के दौकपुरी टांडा गांव का है। प्राप्त समाचार के मुताबिक, स्वार ब्लाक के दौकपुरी टांडा ग्राम पंचायत में महिला सीट थी। इस सीट पर सगीर अहमद ने पहली बार अपनी किस्मत आजमई और अपनी पत्नी मुसैयदा बेगम को चुनाव में खड़ा किया। बता दें कि ग्राम प्रधान पद के लिए इस सीट पर 15 अप्रैल को मतदान हुआ और दो मई को मतगणना। जिसमें मुसैयदा बेगम जीत दर्ज कराई। लेकिन, उनका परिवार इस जीत की खुशी ज्यादा दिन नहीं मना सका।
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के कारण मतगणना के चार दिन बाद ही नवनिर्वाचित प्रधान सगीर की पत्नी मुसैयदा बेगम का निधन हो गया। मुसैयदा बेगम के निधन के बाद इस सीट पर उप-चुनाव 12 जून को हुआ था। जिसमें एक बार फिर सगीर ने अपनी मां 80 वर्षीय सुगरा बेगम को मैदान में उतारा। लोगों ने फिर उनका साथ दिया और उनकी मां भी चुनाव जीतकर प्रधान बन गईं। लेकिन शुक्रवार की देरा सुगरा बेगम का भी निधन हो गया।
गांव के पूर्व प्रधान फारुख ने फोन पर वन इंडिया हिंदी को बताया कि शुक्रवार को ह्रदय गति रुक जाने के कारण गांव की प्रधान सुगरा बेगम का निधन हो गया। इससे पहले उनकी बहु मुसैयदा बेगम का भी निधन हो गया था। तो वहीं, अब गांव में दो मौत से मातम छा गया है। क्षेत्र में भी इसे लेकर चर्चा है कि क्या अब तीसरी बार भी इस परिवार की महिला चुनाव मैदान में उतरेगी या फिर यह परिवार चुनाव से अब तौबा करेगा।












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