एंबुलेंस नहीं आई तो बीमार बेटे को केले के ठेले पर लेकर 2 Km दूर अस्पताल पहुंची मां, VIDEO
राजकोट। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन पीरियड में सबसे ज्यादा मुश्किलें गरीबों को उठानी पड़ रही हैं। ऐसे में जब घर का कोई व्यक्ति बीमार हो तो, उसको अस्पताल पहुंचा पाना भी मुश्किल है। यहां गुजरात के जेतपुर शहर में इसी तरह की, झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक मां ने अपने बीमार बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए केले बेचने वाले ठेले का सहारा लिया। उसी ठेले में भरी दोपहरी में वह बेटे को डालकर दो किमी दूर अस्पताल पहुंची।

लॉकडाउन में प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगता
संवाददाता के अनुसार, करीब तीन महीने पहले उक्त महिला के बेटे का एक्सीडेंट हुआ था। जिसमें गंभीर चोट लगने के कारण उसका ऑपरेशन किया गया था। लेकिन किसी वजह से अचानक बेटे का दर्द बढ़ गया। जिसके चलते मां ने एंबुलेंस को कॉल लगाया। उधर से बताया गया कि वहां पर एक ही एंबुलेंस है, जो भी जूनागढ़ गई हुई है। लॉकडाउन के इन दिनों अन्य वाहन भी बंद हैं। कोई दूसरा वाहन नहीं मिल पाया।

कोई वाहन नहीं मिला तो केले के ठेले में ही बेटे को डाला
आखिर में महिला शहर के गायत्री मंदिर रोड से लारी (फल-सब्जी बेचने वाले ठेला) में बेटे को लिटाकर करीब दो किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंची। जहां से डॉक्टरों ने उसे जूनागढ़ रैफर कर दिया। महिला फिर परेशान हो गई। क्योंकि, वह ना तो बेटे को खुद वहां पहुंचाने में सक्षम थी और न ही उसके पास किराया देने को उतने पैसे थे।

वायरल हो रहे वीडियो
इस घटना की चर्चा होने लगी। जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के कान पर जूं रेंगी और मां-बेटे दोनों को जूनागढ़ भेजे जाने की कार्रवाई शुरू हुई। लोगों का कहना है कि, प्रशासन की लापरवाही के कारण महिला को ये दिन देखना पड़ा। यदि एंबुलेंस घर आ जाती तो इतनी दिक्कत नहीं होती। यहां इस घटना के वीडियो आप देख सकते हैं।












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