वीडियो में देखें ‘वायु' के बाद कैसे उफना समंदर, लहरों में बह गया गुजरात का भूतनाथ महादेव मंदिर
राजकोट। अरब सागर में उठे चक्रवातीय तूफान 'वायु' के गुरुवार दोपहर तक गुजरात तट से टकराने का अनुमान था, हालांकि बाद में छह घंटे के भीतर उसकी दिशा बदल गई। गुजरात को हिट करने के बजाए 'वायु' पाकिस्तान की ओर मुड़ गया। हालांकि, इसी बीच खतरे को भांपते हुए सरकार द्वारा समुद्र तटीय क्षेत्रों से 3 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए। 'वायु' के दिशा बदलने पर मौसम विभाग ने कहा- चक्रवात वेरावल, पोरबंदर, द्वारका और सौराष्ट्र के पास से गुजरेगा। हालांकि, तबाही नहीं होगी।

गुजरात में मौके पर मौजूद संवाददाता ने पोरबंदर की पुरानी दिवादांडी से बताया कि इस समय समुद्र तटीय क्षेत्रों में बारिश हो रही है। तेज हवा और भारी बारिश के कारण ऊंची लहरें उठने से पोरबंदर की पुरानी दिवादांडी स्थित भूतनाथ महादेव का मंदिर धराशायी हो गया है। मंदिर का मलबा भी समंदर में बह गया है। हालांकि, मंदिर में पुजारी के अलावा और कोई मौजूद नहीं था। इसलिए, जनहानि नहीं हुई। पुजारी को भी सही-सलामत बाहर निकाल लिया गया है। माधवपूरा में मकान गिरने के कारण तीन लोग घायल हो गए।
तटीय इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद
अनहोनी से बचने लिए गुजरात सरकार एवं जिले प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि हम ओडिशा सरकार के साथ संपर्क में हैं, ताकि तूफान फैनी के जैसे नुकसान को कम करने के तरीकों की जानकारी मिल सकें। सभी कर्मचारियों को छुट्टी रद्द कर ड्यूटी पर लौटने को कहा है। तटीय इलाकों में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 13 और 14 जून को बंद रखा जाएगा। इतना ही नहीं, कई ट्रेनें भी रद्द की गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications