राजकोट: तंगी से जूझ रहे एक और किसान ने जान दी, अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं बचे थे पैसे
Gujarat News, राजकोट। गुजरात में किसानों की आत्महत्या के मामले थम नहीं रहे हैं। फसल बर्बादी के बाद आई तंगी की वजह से किसान अपनी जान दे रहे हैं। इस बार यहां 51 साल के किसान ने रात को तीन बजे मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। गांव में उसकी जीरे की खेती बर्बाद हुई थी, वह बहुत गरीब भी था।

तंगी इतनी कि दाह-संस्कार भी गांववालों ने कराया
घटना पड़धरी जिले के मोटा रामपर गांव की है। किसान सवजीभाई नरभेरामभाई भोजाणी काफी समय से चिंताग्रस्त था। उसके परिवार की आर्थिक हालात बहुत नाजुक थी। इसीलिए, उसने आत्महत्या कदम उठाया। उसके परिवार के हालात इस कदर खराब हैं कि उसकी मौत के बाद उसके दाह-संस्कार को गांव वालों ने खुद के खर्चे पर कराया। वहीं, कुछ गांववालों का कहना है कि भोजाणी के घर में क्लेश हुआ था, जिसके चलते उसने खुद को आग लगाई। बहरहाल पुलिस ने उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
10 दिन में 3 किसानों ने दी जान
बता दें कि, यहां पिछले 10 दिनों में तीन किसानों की जान गई है और सभी के परिवार ने फसल बर्बाद होने के कारण चल रही आर्थिक तंगी को इसकी वजह बताया है। ऐसे में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बातें कर रही है।












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