इलेक्ट्रिक रूम में बंद थे चौकीदार के मासूम, शॉर्ट सर्किट से धधकी आग ने लील ली उनकी जिंदगी
राजकोट. गुजरात में राजकोट सिटी के 150 फिट रिंगरोड स्थित समर्थ अपार्टमेंट में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। समर्थ अपार्टमेंट के इलेक्ट्रिक रूम में चिंगारियां उठने से वहां आग लग गई, जिससे वहां रह रहे नेपाली चौकीदार के दो मासूम जलकर मर गए। घटना के वक्त मासूमों के माता-पिता किसी काम से बाहर गए थे। बच्चो को वाहनों से सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने इलेक्ट्रिक रूम को लॉक किया था। उनके जाने के बाद वहां दर्दनाक हादसा हुआ।

इलेक्ट्रिक रूम में बंद थे चौकीदार के 2 मासूम
जिन दो मासूमों की मौत हादसे में हुई, उनमें ढ़ाई साल के बेटा और साड़े पांच साल की बेटी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि शेरबहादुर चंद और उसकी पत्नी चांदनीबेन समर्थ अपार्टमेंट में चौकीदारी का काम करते थे। अपार्टमेंट वालों ने उसके परिवार को रहने के लिए इलेक्ट्रिक रूम में जगह दी थी। सागरचन और चांदनीबेन दिन में दूसरी जगह काम करते थे और रात को यहां रहते थे।

शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी
हर रोज की तरह गुरूवार को भी दोनों काम पर गए थे और इलेक्ट्रिक रूम को लॉक मार दिया था। बाद में रूम के अंदर शॉर्टसर्किट के कारण आग भड़क उठी। आग की ज्वालाएं बाहर दिखाई देने लगीं। जिसे देख स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और फायर डिपार्टमेंट को खबर दी।

अपार्टमेंट निवासी वहां से फरार हो गए
हालांकि, फायर बिग्रेड के जवानों द्वारा आग बुजाए जाने तक पांच साल की सृष्टि बुरी तरह झुलस गई और ढाई साल के आयुष की तो मौत हो चुकी थी। सृष्टि को अस्पताल भेजा गया। लेकिन वहां उपचार मिलने से पहले ही उसने भी दम तोड़ दिया। एक साथ दोनों बच्चों की मौत से उसके माता-पिता सन्न रह गए। इधर, परिवार को इलेक्ट्रिक रूम में रखने वाले अपार्टमेंट निवासी वहां से फरार हो गए।

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग
बच्चों के पिता शेरबहादुर चंद के मुताबिक, वह छह साल से राजकोट में रह रहे हैं और 1 जनवरी को नेपाल लौटने वाले थे। पिछले कुछ महीनों से एपार्टमेंट में नौकरी के कारण यहां रहते थे। तभी से इसी प्रकार बच्चों को रूम में लॉक कर काम पर जाते थे। पत्नी दोपहर तक वापस लौट जाती थी। लेकिन आज उसके लौटने से पहले यह दुर्घटना हो गई। घटना के चलते परिवार को इलेक्ट्रिक रूम में रखने वाले अपार्टमेंट के निवासियों पर भी उंगलियां उठने लगी है। अस्पताल में लोग बड़ी संख्या में इकठ्ठा हुए और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।












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