15 माह बाद राजकोट में कोई कोरोना मरीज नहीं, जहां एंबुलेंस की लाइन लगी थीं, अब बच्चे क्रिकेट खेल रहे
राजकोट। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के गृहजनपद राजकोट में लगभग 15 महीनों के बाद कोरोना के मामले शून्य पर पहुंचे हैं। बीते रोज यहां न तो शहरी इलाके में और न ही ग्रामीण इलाकों में कोई नया मरीज मिला। राजकोट शहर में अब 37 सक्रिय मरीज अस्पतालों में हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी सिर्फ 6 सक्रिय मरीज बचे हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग एवं राजकोट नगर निगम की ओर से दी गई।

गौरतलब है कि, अप्रैल-मई महीनों के दरम्यान राजकोट समेत गुजरात के सूरत-अहमदाबाद एवं वडोदरा जिलों में रोजाना हजारों कोरोना मरीज मिल रहे थे। उदाहरण के लिए 16 अप्रैल की बात करें तो राजकोट सिविल हॉस्पिटल के बाहर एंबुलेंस की लाइनें लगी थीं। हालांकि, बीते 16 जुलाई को वहां बच्चे क्रिकेट खेलते दिखे। इस दौरान एंबुलेंस भी बाहर खड़ी नहीं दिखीं। वरना अप्रैल के महीने में ग्राउंड में कोरोना मरीजों एवं उनके परिजनों की भीड़ नजर आती थी।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राजकोट में 42291 कोरोना मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। साथ ही 12.32 लाख कोरोना टेस्ट भी शहर में किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि, राजकोट में अब तक कोरोना के 42782 मरीज पाए गए हैं। वहीं, पूरे जिले की बात करें तो आंकड़ा 57893 हो रहा है।

इन जिलों में दर्ज हुए थे सर्वाधिक मामले
2,37,877 अहमदाबाद ↑5
1,43,363 सूरत ↑9
77,786 वडोदरा ↑7
57,893 राजकोट
34,924 जामनगर ↑2
24,407 मेहसाणा
21,405 भावनगर
20,724 गांधीनगर ↑2
20,436 जूनागढ़ ↑2












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