Rajasthan News: विधानसभा में क्यों विपक्ष ने गुजारी रात, आखिर क्या हुआ बवाल जो आ गई यह नौबत ?
rajasthan assembly news: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर से तगड़ा बवाल हो गया। विधानसभा के सदन में कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर के निलम्बन पर हाथापाई तक हो गई।
दरअसल राजस्थान विधानसभा सोमवार को निलंबित कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को बाहर निकालने के लिए मार्शल पहुंचे तो कांग्रेसी विधायक ऐसा भिड़े की सियासत का सदन कुश्ती का अखाड़ा बन गया।
बूंदी से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक हरिमोहन शर्मा जमीन पर गिर गए और महिला विधायक अनीता जाटव की चूड़ियां तक टूट गई। थोड़ी देर में ही बवाल इतना बड़ा कि कांग्रेसी विधायक विधानसभा में ही धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेसी विधायकों ने सदन में रात गुजारी।

विधानसभा में कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को निलंबित करने के मामले पर अब सियासी पारा गर्म हो गया है। भाकर के निलंबन को लेकर विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी है। सदन में ही कांग्रेस विधायकों ने रात गुजारी है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का कहना है कि जब तक मुकेश भाकर का निलंबन वापस नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा।
आपकों बता दें कि राजस्थान विधानसभा में सभापति संदीप शर्मा ने मार्शलों को कांग्रेस के निलंबित विधायक मुकेश भाकर को सदन से बाहर निकालने का निर्देश दिया, जिसका विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने मार्शलों से धक्का मुक्की भी की और धरने पर बैठ गए।
राजस्थान विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। करीब एक घंटे बाधित रहने के बाद विधानसभा की कार्यवाही 4 बजे फिर से शुरू हुई तो निलंबित विधायक मुकेश भाकर को सदन से बाहर निकालने के लिए सभापति संदीप शर्मा ने मार्शल बुला लिए।
मार्शल भाकर को सदन से बाहर निकालने के लिए आगे बढ़े तो कांग्रेस के विधायक मार्शल से उलझ गए। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक हरिमोहन शर्मा धक्का-मुक्की के कारण नीचे गिर गए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विपक्ष के सदस्य सदन में धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि मुकेश भाकर का निलंबन बहाल किया जाए और मंत्री के बेटे को सरकारी अधिवक्ता बनाए जाने के मामले में सरकार सदन में जवाब दे।
आपकों बता दे कि पूरा बवाल सोमवार को लंच के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक मंत्री के बेटे को सरकारी अधिवक्ता के रूप में नियुक्ति का मुद्दा उठाया और सरकार से जवाब दिलवाने की मांग की।
इस पर हंगामा हुआ तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को बजट सत्र की बैठकों से निलंबित कर दिया। दो बार सदन की कार्यवाही एक घंटे तक बाधित रही। जब वापस कार्यवाही शुरू हुई तो मुकेश भाकर को सदन से बाहर निकालने के लिए आसन पर मौजूद सभापति संदीप शर्मा ने मार्शल बुला लिए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का कहना है कि मुकेश भाकर का निलंबन खत्म होने और मंत्री के बेटे को सरकारी अधिवक्ता बनाए जाने पर सरकार के जवाब की व्यवस्था तक सदन में उनका धरना जारी रहेगा।
विधि एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि बिना नियमों में आए उन्होंने विषय उठाने का प्रयास किया है। सरकारी अधिवक्ता नियुक्त करने की प्रक्रिया पुराने कानून में शुरू हो चुकी थी और कई जगह प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है। इस बात को अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर सदन में व्यवधान किया है।
एक सदस्य ने आक्रामक रूप से आसन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। मंत्री के बेटे की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि लिखित जो दिया गया है, उसमें इसका कोई जिक्र नहीं है। वह नियुक्ति एक प्रक्रिया के तहत आज से सात महीने पहले हुई थी, आज उसका कोई मुद्दा ही नहीं है।












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