कौन है ये धर्मेंद्र उर्फ लुक्का, जो भाई के मर्डर का बदला लेने के लिए बना कुख्यात डकैत
राजस्थान पुलिस ने कुख्यात अपराधियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कुख्यात डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का का नाम सामने आया है। लुक्का पर राजस्थान पुलिस ने एक लाख रुपए का ईनाम रखा है।
धौलपुर एसपी सुमित मेहरडा ने बताया कि चंबल बीहड़ का डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का कोतवाली थाना इलाके के देव का पुरा निवासी विजय सिंह गुर्जर का बेटा है। यह जिले के टॉप टेन अपराधियों में से एक है। इस पर विभिन्न पुलिस थानों में 37 केस दर्ज हैं।

धौलपुर पुलिस लुक्का को पकड़ने के लिए कई बार जाल बिछा चुकी है, मगर यह हर बार चकमा देकर भाग जाता है। इसे पकड़ने के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपए का ईनाम रखा हुआ था।
धौलपुर पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस शाखा दिनेश एमएन ने धर्मेंद्र उर्फ लुक्का पर ईनामी राशि को बढ़ाकर 50 हजार से एक लाख रुपए की है। डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का गैंग को पकड़ने के लिए बीते दिनों दिहोली थाना इलाके में चंबल के बीहड़ों में पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी।
एक लाख के ईनामी डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का पर धौलपुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों में 37 मुकदमा दर्ज हैं, जिनमें रंगदारी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, पुलिस के साथ मुठभेड़, आदि के मामले में है। राजस्थान ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश पुलिस को भी लुक्का की तलाश थी।
धौलपुर एसपी मेहरड़ा ने बताया कि लुक्का पर शिकंता कस रहे हैं। ईनामी राशि दोगुनी कर देने के लिए डीएसटी, क्यूआरटी टीम के साथ साइबर सेल भी उस पर विशेष निगरानी रख रही है। उसकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर है। मुखबिर भी लगा रखे हैं।
बता दें कि साल 2009 में भाई की मौत का बदला लेने ने धर्मेंद्र उर्फ लुक्का ने हथियार उठा लिए थे। संगीन वारदातों का अंजाम देने के बाद अरेस्ट हुआ तो साल 2017 में पैरोल से फरार हो गया। फिर चंबल के बीहड़ में आतंका पर्याय बन गया।
धर्मेंद्र उर्फ लुक्का गुर्जर जाति से है। पांचवीं तक पढ़ा-लिखा है। इसके पांच भाई हैं। साल 2009 में जमीनी विवाद को लेकर लुक्का के बड़े भाई की हत्या उसके साले ने कर दी है। बाद में लुक्का ने बंदूक उठाई और भाई के साल का मौत के घाट उतारकर बदला लिया। फिर चंबल बीहड़ में चला गया।












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