Ground Report ISHARDA DEM: ईसरदा बांध जो है दौसा और सवाईमाधोपुर की अधूरी लाइफलाइन, जानिए कब होगी पूरी ?
Ground Report ISHARDA DEM: पूर्वी राजस्थान के दौसा, सवाईमाधोपुर जिलेवासियों के सूखे हलक को बनास नदीं के मीठे पानी से तर करने के लिए नई लाइफ लाइन ईसरदा डेम का काम काज तेजी से चल रहा है। साल 2025 तक इन जिलों को पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान में आमजन की पेयजल किल्लत के समाधान के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार मिलकर कई योजनाएं धरातल पर उतराने की कवायद कर रही है। ऐसी ही एक ईसरदा पेयजल योजना में ईसरदा बांध का निर्माण किया जा रहा है।
हालांकि अधिकारियों की लापरवाही से लगातार इस बांध के निर्माण की पूरी होने की तारीख बढ़ाई जा रही है। अब इस बांध के निर्माण को पूरा कर हैंडओवर करने की तारीख जनवरी 2025 तय की गई है।

दरअसल सवाई माधोपुर तथा दौसा जिले की पेयजल सुविधा के लिए बनाया जा रहा ईसरदा बांध प्रोजेक्ट पर भी कोरोना और लॉक डाउन का इफेक्ट कुछ समय के लिए पड़ा लेकिन सवाल यह है कि इसके बावजूद भी योजना 4 साल देरी का क्या मतलब है।
पहले इसे 31 दिसंबर 2021 तक पूरा किया जाना था, इसके बाद कोरोना की वजह से फरवरी 2023 तक पूरा होने की तारीख तय की गई लेकिन अब एक बार फिर इसकी तारीख बढ़ाकर जनवरी 2025 कर दी गई है।
वर्तमान में बांध का 80फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है तथा तेज गति से कार्य जारी है। प्रोजेक्ट से जुड़े अभियंताओं ने बताया कि बांध निर्माण को लेकर कुल 12 गांव को विस्थापित किया जाना है।
इनमें से 8 गांव टोंक जिले के तथा 4 गांव सवाईमाधोपुर जिले में चौकड़ी,रायपुर, सोलपुर तथा ईसरदा का कुछ भाग शामिल है। अधीक्षण अभियंता ईसरदा प्रोजेक्ट जितेंद्र लुहाड़िया ने बताया कि बांध का निर्माण दो फेज में किया जाएगा हांलाकि निर्माण कार्य एक ही फेज में होगा जिसमें बांध की भराव क्षमता अलग-अलग फेज में बढ़ाई जाएगी।
पहले फेज में बांध की भराव क्षमता 256 आरएल मीटर तय की गई जब पहले फेज के प्रभावित किसानों, परिवारों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा तो उसके बाद दूसरे फेज में 262 आरएल मीटर की भराव में डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों को मुआवजा वितरित किया जाएगा।
इस बांध का पहले चरण में करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल बारिश के चलते बांध का निर्माण कार्य बंद है। बारिश का मौसम निकलते ही सितम्बर के महीने में इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
यह है बांध की क्षमता
ईसरदा बांध की नींव भरकर ऊपर की सीसी का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसका जलस्तर 262.80 आरएल मीटर होगा तथा 10.77 टीएमसी पानी की भराव क्षमता होगी।
बांध की पक्की लंबाई 592 मीटर तथा कच्ची लंबाई 3 किमी होगी। बांध से सवाई तथा दौसा जिले को मुख्य रूप से पेयजल उपलब्ध होगा तथा जयपुर जिले के भी कुछ भाग इसमें आएंगे।
कैसे भरेगा ईसरदा बांध
राजस्थान की राजधानी जयपुर,टोंक, अजमेर सहित कई जिलों की लाइफलाइन बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो होने के बाद बनास नदीं के बहाव क्षेत्र में आने वाले पानी को ईसरदा डेम में रोका जाएगा साथ ही बारिश की पानी और नदीं किनारे बसे गांवों,शहरों के पानी को भी ईसरदा बांध में डाला जाएगा।












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