बूंदी राजघराने के नए मुखिया वंशवर्धन सिंह का पाग दस्तूर, तारागढ़ फोर्ट में 12 साल बाद लगा दरबार
बूंदी, 2 अप्रैल। राजस्थान की बूंदी रियासत के राजघराने के नए मुखिया कापरेन ठिकाने के कुंवर वंशवर्धन सिंह का पाग दस्तूर शनिवार को हुआ। इस मौके पर बूंदी के तारागढ़ फोर्ट में 12 साल बाद फिर से दरबार लगाया गया। वंशवर्धन राजगद्दी पर बैठे व नजराने की परंपरा निभाई गई।

बूंदी राजघराने में पाग दस्तूर
बूंदी राजघराने के नए मुखिया को पगड़ी पहनाने का दस्तूर बूंदी की नवल सागर झील किनारे स्थित मोती महल में किया गया। तिलक दस्तूर सहित राजतिलक का हर दस्तूर बूंदी राजघराने की सनातन राज परंपरा के मुताबिक निभाया गया। इसके बाद वंशवर्धन बूंदी के आराध्य रंगनाथ मंदिर पहुंचे। फिर घोड़े पर सवार होकर तारागाढ़ फोर्ट पहुंचे।

कौन हैं बूंदी के नए मुखिया वंशवर्धन सिंह
बता दें कि वंशवर्धन सिंह का जन्म कापरेन ठिकाने के बलभद्र सिंह हाड़ा के घर 8 जनवरी 1987 को हुआ। इनकी शुरुआती पढ़ाई डेली कॉलेज इंदौर से हुई। इंग्लैंड में लीस्टर की डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी से कॉलेज की पढ़ाई की। बिजनेस मैनेजमेंट में कनाडा से डिग्री हासिल की। दो साल एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में काम किया।

मयूराक्षी कुमारी से 2016 में शादी
2013 में वंशवर्धन सिंह बूंदी लौट आए। इन्हें वंश परंपरा के अनुसार महाराजा रणजीतसिंह का उत्तराधिकारी बनाया गया है। वंशवर्धन ने ठाकुर दीप सिंह धनानी की पुत्री मयूराक्षी कुमारी से 2016 में शादी की। वंशवर्धन सिंह और मयूराक्षी का दो साल का बेटा वज्रनाभ है।

उदयपुर के बाद बूंदी प्राचीन रियासत
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में मेवाड़ के उदयपुर राजघराने के बाद बूंदी की रियासत राजपूताने की सबसे प्राचीन रियासत मानी जाती है। इसकी स्थापना महाराव देवा हाड़ा ने 780 साल पहले 1242 में की थी। बूंदी राजवंश में कई प्रतापी शासक हुए हैं। बूंदी राजपूताने के चौहान वंश के हाड़ा कुल की पहली रियासत है।
ये भी रहे मौजूद
अलवर महाराजा भंवर जितेन्द्र सिंह, कोटा के महाराज कुमार , बीकानेर महाराजा रवि राज सिंह, सिरोही महाराजा पदमश्री रघुवीर सिंह, पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर(बदनोर ठिकानेदार), किलचिपुर रियासत के महाराज प्रियव्रत सिंह, राघव गढ़ महाराज कुमार जयवर्धन सिंह, कच्छ के युवराज प्रताप सिंह, झालावाड़ के महाराज राणा चंद्र सिंह समेत कई पूर्व रियासतों के मुखिया और सदस्य मौजूद रहे।












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