Rajasthan: उदयपुर में छात्र देवराज को बहन सुहानी ने बांधी राखी, फिर तोड़ दी सांसे,जानिए क्या हुआ अस्पताल में ?
Udaipur Devraj Update News: राजस्थान के उदयपुर में 10 वीं कक्षा के छात्र देवराज की मौत ने एक बार फिर जहां प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए है तो वहीं रक्षाबंधन के दिन बड़ी बहन के राखी बांधने के उसके दम तोड़ने की घटना ने हर किसी को मायूस कर दिया।
राजस्थान में 16 अगस्त को समुदाय विशेष के छात्र द्वारा देवराज पर चाकू से हमले ने उसकी मासूम सी उम्र में जिंदगी से जंग की किस्मत लिख दी। देवराज ने अस्पताल के आईसीयू में चार दिन तक जिंदगी से अकेले जंग लड़ी लेकिन शायद किस्मत को कुछ ओर ही मंजूर था।
देवराज को बचाने के लिए ना डॉक्टरों की दवा काम आई ना लोगों की दुआ, उसकी जिंदगी के सारे सपनों का कत्ल एक चाकू ने दिनदहाड़े सड़क पर कर दिया।

रक्षाबंधन के दिन देवराज की बड़ी बहन सुहानी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भाई को राखी बांधने पहुंची, बहना ने भाई को राखी बांधकर भगवान से उसकी लम्बी उम्र की कामना की लेकिन दोपहर को राखी बांधने के बाद शाम को देवराज की सांसों की डोर टूट गई।
राखी के दिन छोटे भाई की मौत के बाद सुहानी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने भाई को याद कर रही है। वह देवराज की कलाई पर अंतिम बार राखी बांध पाई।
सुहानी के लिए जीवन में आज से बुरा दिन शायद और कोई हो नहीं सकता है। रक्षाबंधन के दिन अपने छोटे भाई देवराज की कलाई पर राखी बांधने अस्पताल में गई।
आईसीयू में भर्ती घायल देवराज अपनी बहिन को प्यार से देख रहा था और सुहानी उसकी हाथों की कलाई पर राखी सजा रही थी, लेकिन किस्मत को शायद इसी दिन का इंतजार था।
इधर बड़ी बहिन सुहानी अपने भाई के हाथों पर राखी बांधकर निकली और उधर कुछ ही पलों बाद देवराज की सांसों की डोर हमेशा-हमेशा के लिए टूट गई।
रक्षाबंधन के दिन अपने छोटे भाई की मौत के बाद सुहानी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने भाई को याद कर रही है। वह देवराज की कलाई पर अंतिम बार राखी बांध पाई। सोलह वर्षीय सुहानी कक्षा 11 वीं पढ़ती हैं, वहीं देवराज कक्षा दस का छात्र था।
आपकों बता दे कि उदयपुर में चार दिन पहले 16 अगस्त को सरकारी स्कूल के एक छात्र ने दूसरे छात्र देवराज पर चाकू से हमला कर दिया था। चाकू के हमले के बाद देवराज गम्भीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। देवराज पिछले चार दिन से जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रहा था।












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