Rajasthan: क्या था IAS सौम्या झा का आदेश, जिससे टोंक में हुआ SDM थप्पड़ कांड, नरेश मीणा ने नहीं उठाया कॉल
राजस्थान एसडीएम थप्पड़ कांड में आईएएस डॉ. सौम्या झा की भी एंट्री हो गई है। (Tonk District Collector IAS Dr. Saumya Jha ) सौम्या झा टोंक की जिला कलेक्टर हैं, जो टोंक के देवली-उनियारा उपचुनाव में जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका में हैं। आईएएस सौम्या झा के आदेश पर ही एसडीएम अमित चौधरी गांव समरावता गए थे, जहां नरेश मीणा के साथ कहासुनी के बाद थप्पड़ कांड हो गया।
कलेक्टर ने एसडीएम को क्यों भेजा गांव समरावता?
दरअसल, राजस्थान की सात सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। उन्हीं में से एक सीट टोंक जिले की देवली उनियारा है, जहां 13 नवंबर को मतदान हुआ। मीडिया से बातचीत में एसडीएम अमित चौधरी ने बतया कि देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र में नगरफोर्ट तहसील की ग्राम पंचायत कचरावता के गांव समरावता के मतदान केंद्र पर सुबह दस बजे तक एक भी वोट नहीं डला था। मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार कर रखा था।

एसडीएम चौधरी के आगे कहा कि गांव समरावता में मतदान बहिष्कार पर टोंक जिला कलेक्टर/जिला निर्वाचन अधिकारी मैम ने उन्हें आदेश दिया था कि वहां जाकर सरकारी कर्मचारियों को मोटिवेट करके कुछ वोट डलवा दीजिए ताकि एक-दो वोट डल जाने पर सौ फीसदी मतदान बहिष्कार नहीं माना जाएगा।
मूलरूप से अलवर के रहने वाले अमित चौधरी राजस्थान प्रशासनिक सेवा में साल 2019 बैच के आरएएस अधिकारी हैं। टोंक जिले के मालपुरा में एसडीएम पद पर पोस्टेड हैं। देवली-उनियारा उपचुनाव में इनको सेक्टर मजिस्ट्रेट पद पर लगाया गया था। एसडीएम अमित चौधरी कहते हैं कि तीन वोट डाले गए थे। उनमें एक सरकारी कर्मचारी, दूसरी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व उसका पति था।
इसलिए भेजा था एसडीएम को गांव सामरावता-कलेक्टर
मीडिया से बातचीत में टोंक जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा बोलीं कि 'मतदान दिवस को जानकारी मिली कि नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हैं। गांव में मतदान का बहिष्कार हो रहा है। नरेश मीणा मौके पर जिला कलेक्टर को बुलाने व ग्रामीणों की मांग मान लेने का लिखित में आश्वासन चाह रहे थे। ऐसे में मैंने खुद के नंबर से चार बार और दूसरे नंबर से दो बार नरेश मीणा के पर्सनल नंबर पर फोन किया था ताकि उनको समझा सकूं कि आदर्श आचार संहिता हटने के बाद उनकी मांग पर विचार किया जाएगा। चुनाव के दौरान लिखित आश्वासन देना संभव है। फोन नहीं उठाने पर एसडीएम को मौके पर भेजा था। एसडीएम ने अपने फोन से नरेश मीणा की मुझसे बात करवाने की कोशिश की, मगर नरेश मीणा ने बात नहीं।
गांव पहुंचे कलेक्टर-एसपी
दरअसल, गांव सामरावता के लोगों की मांग नजदीक की तहसील में जोड़ने की थी, जिसकी वजह से उन्होंने मतदान बहिष्कार किया और 13 नवंबर को एसडीएम थप्पड़ हुआ। पूरे प्रकरण में पुलिस ने नरेश मीणा समेत 60 लोगों को पकड़ा, जिनकी आज शुक्रवार को देवली-उनियारा कोर्ट में पेशी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के पुक्ष्ता इंतजाम किए हैं। टोंक जिल कलेक्टर डॉ. सौम्या झा और एसपी विकास सांगवान ने गांव सामरावता पहुंचकर मौका का जायजा लिया है।












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