Bundi Foundation Day: राजस्थान के बूंदी का आज स्थापना दिवस, इसके इतिहास की दुनियाभर में चर्चा
Bundi Foundation Day: राजस्थान में छोटी काशी के नाम से जाने जाना वाला हाड़ौती का गढ़ बूंदी आज अपना 783वां स्थापना दिवस मना रहा है। मुख्यमंत्री भजन लाल ने भी बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बूंदी राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और परंपरा के विभिन्न रंगों से सुशोभित है।
हाड़ौती का हृदय, छोटी काशी, वृन्दावती, बावड़ियों का शहर, आदि उपनामों से विख्यात, राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति तथा परम्परा के विभिन्न रंगों से सुशोभित "बूंदी" के 783 वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। pic.twitter.com/mqajuPQ7AE
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) June 24, 2024
बूंदी स्थापना दिवस 24 जून को उत्सवी अंदाज में मनाया गया। शहनाइयों की मधुर धुनों के बीच भोर की सुहानी शुरूआत हुई।
गढ़ पैलेस में गणेश पूजन-वंदन के साथ विरासत यात्रा आरंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में शामिल लोगों ने बूंदी की ऐतिहासिक इमारतों और धरोहरों को निहारा। जिला कलक्टर अक्षय गोदारा और SP हनुमान प्रसाद मीना ने गढ़ गणेश की पूजा अर्चना की।

इसके बाद यहां से हेरीटेज वॉक शुरू हुई, जो शहर के चौगान गेट से खोजागेट होते हुए खेल संकुल पहुंची। छोटी काशी के जय कारे और अपनी बूंदी क्लीन, ग्रीन बूंदी के नारों से शहर जग उठा।
हेरीटेज वॉक में प्रशासनिक अधिकारी, शहर के गणमान्य लोग, स्काउट गाइड, छात्र-छात्राओं, अध्यापकों, आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
आर्ट गैलेरी में चित्रकला प्रदर्शनी और प्रतियोगिता हुई, जिससे बूंदी की विरासत को एक साथ देखने का मौका मिला। प्रसिद्द चित्रशैली और प्रकृति की गोद में बूंदी जैसे कई आर्ट गैलेरी आकर्षण का केंद्र थे।
24 जून को सुखमहल, रानी जी बावड़ी, 84 खंभों की छतरी एवं राजकीय संग्रहालय बूंदी में पर्यटकों एवं आमजन के लिए प्रवेश की नि:शुल्क व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गयी है।
वीरता और पौराणिक इतिहास का गवाह है बूंदी
बूंदी राजस्थान का एक प्रमुख जिला है। ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में से एक बूंदी भी है, जो अपने कई शानदार महलों, राजसी किलों के लिए जाना जाता है।
यह क्षेत्र कई वीरता की लड़ाइयों और पौराणिक इतिहास का गवाह है। बूंदी की सबसे खास बात यह है कि पर्यटन स्थल के साथ बावड़ियां, झीलों और झरनों जैसे प्राकृतिक आकर्षणों से सजा हुआ है।
783 साल पुराने इस बूंदी शहर में पहाड़ी पर फोर्ट भी बना हुआ है। जिसमें विश्व प्रसिद्ध चित्र शैली सहित कई देखने लायक चीजें हैं।
जिन्हें देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक हर साल हजारों की संख्या में आते हैं। शहर के बाल चांद पाडा स्थित तारागढ़ फोर्ट 1354 में बनाया गया था।
बूंदी की स्थापना 1242 ई में बूंदा मीणा, राव देवा द्वारा की गई था। विशाल किले का निर्माण भी किया गया था। अरावली की पहाड़ी पर स्थित यह किला बूंदी शहर के मनोरम और मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है, जो भी पर्यटक इस किले को देखता है तो इस विशेषताओं की सराहना करता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, ओम बिरला सहित प्रदेश और देशभर के नेताओं ने बूंदी स्थापना दिवस पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है।
संसदीय क्षेत्र बूंदी के 783वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। बूंदी हमारी गौरवशाली संस्कृति का अमूल्य माणिक्य है। ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बूंदी सम्पूर्ण विश्व से पर्यटकों को आकर्षित करती है। बूंदी प्रगति पथ पर अग्रसर रहे, यही कामना है।#Bundi
— Om Birla (@ombirlakota) June 24, 2024












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