पाकिस्तान की ओर से राजस्थान पर Locust Attack, 270 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में अलर्ट
Barmer News in Hindi, बाड़मेर। राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा से लगते बाड़मेर इलाके में 26 साल बाद एक बार फिर टिड्डी दल भारतीय सीमा में दाखिल हो सकती है, इस बात का ख़तरा टिड्डी दल विभाग को सता रहा है। जिसके चलते विभाग द्वारा भारत-पाक की 270 किलोमीटर सीमा में लगते गांवों में अलर्ट जारी कर पिछले 48 घंटों में एक-एक गांव में जाकर सर्वे किया जा रहा है। हालांकि, 2010 में पाकिस्तान से सटे बाड़मेर जिले के सुंदरा गांव टिड्डी दल का असर एक बार देखा गया था।

पिछले तीन-चार दिनों से लगातार जैसलमेर इलाके के बॉर्डर से लगते गांव में टिड्डी दल को देखा गया है और वहां पर टिड्डी को मारने का काम लगातार जारी है। प्रशासन अब सतर्क हो गया है और सीमावर्ती लोगों से अपील की जा रही है कि टीडी दल के दिखाई देने पर विभाग को तुरंत सूचना दें। टिड्डी विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी है, साथ ही पूरी तरीके से अलर्ट पर रखा है।

टिड्डी दल के आने की सूचना से पहले ही बॉर्डर इलाकों में किसानों में हड़कंप मच गया है। आलम यह है कि किसानों को इस बात का डर सता रहा हैं कि कहीं जैसलमेर के इलाके में जिस तरीके से टिड्डी दल ने हमला किया है। ऐसे ही टिड्डी दल ने बाड़मेर इलाकों में हमला बोल दिया तो सारी फसलें चौपट हो जाएगी।
लिहाजा किसान इस बात की सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन, टीडी देखे जाने पर उसकी तुरंत सूचना प्रशासन के साथ विभाग को देने की बात कही जा रही है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान के साथ ही अरबी देशों में पिछले दो-तीन सप्ताह से मौसम बदलने के कारण रेगिस्तानी इलाकों में 1 सप्ताह से बारिश और तूफान के कारण इस तरीके का अटैक जैसलमेर में हुआ है। अन्यथा टिड्डी दल आने का समय अक्टूबर बताया जाता है।

इस संबंध में टिड्डी दल नियंत्रक विभाग बाड़मेर के निर्देशक महेश चंद्र सहायक का कहना है कि विभार ने पूरी तरीके से किसी भी हालात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बकायदा मशीनरी के साथ और अन्य सामग्री भी बाड़मेर जिला मुख्यालय पर मुहैया की गई है। साथ ही कृषि विभाग के साथ बॉर्डर पर बीएसएफ और अन्य विभागों से भी लगातार संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है।












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