राजस्थान में पाक सीमा पार से 26 साल बाद फिर 'हमला', जैसलमेर-बाड़मेर के लोगों की उड़ी नींद
Jaisalmer News in Hindi, जैसलमेर। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित राजस्थान के जैसलमेर-बाड़मेर इलाके में 26 साल बाद एक बार फिर सीमा पार से घुसपैठ हुई है। हम जिस घुसपैठिए की बात कर रहे हैं वो टिड्डी दल ( फसलों के लिए हानिकारक कीट) है, जो लाखों की संख्या में एक साथ हमला करता है और कई एकड़ में खड़ी फसल को मिनटों में चट कर जाता है। वर्ष 1993 का वो सितम्बर व अक्टूबर महीने पूरा राजस्थान कभी नहीं भूल जाएगा, जब पाकिस्तान की तरफ से आए टिड्डी दल के हमले (Locust Attack) में किसानों की मेहनत पर रातोंरात पानी फिर गया था।

नेताओं ने भी जताई चिंता
इन राजस्थान के सीमावर्ती इलाको में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो पाकिस्तान की ओर से जैसलमेर के पोकरण में टिड्डी दल के आने का बताया जा रहा हैं। इससे न केवल किसानों की चिंता बढ़ गई बल्कि कृषि विभाग और राजस्थान सरकार भी सक्रिय हो गई है। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस मसले पर चिंता जता चुके हैं। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी इस संबंध अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर टिड्डी दल पर नियंत्रण पाने के लिए उचित कदम उठाए जाने की बात कह चुके हैं।

जैसलमेर के फलौदी इलाके में टिड्डी दल ने हमला किया
मीडियो रिपोर्टस के अनुसार पाकिस्तान सीमा पार से 21 मई 2019 को जैसलमेर के फलौदी इलाके में टिड्डी दल ने हमला किया है। इसके बाद केंद्रीय टीम और कृषि विभाग की टीमें टिड्डी दल की तादाद और मौजूदगी का पता लगाकर नियंत्रण में जुट गईं है। तीन दिन पहले ही पाकिस्तानी इलाके से एक और टिड्डी दल पोकरण इलाके में पहुंचा। इसके बाद सरकार की भी चिंता बढ़ती दिखी और कीटनाशक छिड़काव में तेजी लाई गई है।

700 हेक्टेयर में दवा का छिड़काव
राजस्थान के कृषि विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर (प्लांट प्रोटेक्टशन) डॉ. सुआलाल जाट की मानें तो जैसलमेर इलाके में टिड्डी पर स्थिति नियंत्रण में है। वैसे भी इस इलाके में खरीफ की फसलों पर अधिक जोर रहता है। यह समय खरीफ की फसलों का सीजन नहीं है। ऐसे में टिड्डी दल के अटैक से फसलों को नुकसान नहीं हो रहा है। टिड्डी दल घासफूस व जंगल में देखा गया है। लगभग 700 हेक्टेयर में दवा का छिड़काव करवाया जा चुका है।

क्या है टिड्डी दल
टिड्डी एक छोटा सा कीट है, जो फसलों, पेड़ों को निशाना बनाता है। इस दल की सबसे खतरनाक बात यह है कि ये लाखों-करोड़ों की संख्या में एक साथ हमला करते हैं। वयस्क टिड्डी 150 किलोमीटर की गति से हवा की दिशा में उड़ सकता है। इसे हर दिन ताजा खाना खाना पसंद है। अपने वजन जितना खाता है। मौटे अनुमान के तौर पर बहुत छोटा टिड्डी दल भी रोजाना 35 हजार लोगों जितना भोजन चट कर सकता है।












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