Rajasthan: इस शहर में दुनिया की सबसे बड़ी कुरआन, दुनियाभर से आते है विदेशी मेहमान
Rajasthan Tonk News: "कुरआन" इस नाम की पवित्रता ऐसा नहीं है कि सिर्फ मुस्लिम समाज ही समझता है। ऐसा इसलिए की राजस्थान के टोंक जिले में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान में दुनिया की हाथ से बनाई हुई एकमात्र सबसे बड़ी कुरआन आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
दुनिया की सबसे बड़ी कुरआन के साथ एपीआरआई में रामायण से लेकर गीता, महाभारत और पुराण जैसे कई पवित्र हिंदु ग्रंथ भी हिंदी भाषा के साथ अरबी, ऊर्दू भाषा में लिखित रखे हुए है।
इन सभी ऐतिहासिक ग्रंथों का अध्ययन करने, देखने, निहारने दुनियाभर से हर दिन हजारों लोग आते है। सात समुंदर पार से आने वाले मेहमानों की संख्या यहां सबसे ज्यादा है।

आज भी फ़्रांस के एक दल ने सोमवार को मौलाना अब्दुल कलाम आजाद अरबी-फारसी शोध संस्थान का अवलोकन किया। इसमें उन्होंने संस्थान में रखी दुनिया के सबसे बड़े साइज की कुरआन देखी और यहां रखे दुर्लभ ग्रंथों को देखकर सराहना की।
दल के साथ आए उमेश शर्मा ने बताया कि जब फ़्रांस को दल को अरबी-फारसी शोध संस्थान के बारे में जानकारी दी गई तो उन्होंने यहां पर आने की इच्छा व्यक्त की।
दल के एक सदस्य माटिन कुछ महिनों से अरबी भाषा भी सीख रहे हैं। जब वो यहां आए तो, उन्हें अरबी से संबंधित कई प्रकार की जानकारी मिली। उन्होंने यहां की सराहना भी की।
उल्लेखनीय है कि अरबी-फारसी शोध संस्थान में शोध करने एवं यहां पर रखे दुर्लभ ग्रंथों को देखने विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। लेकिन यहां पर रिक्त पदों के कारण स्थिति दयनीय होती जा रही है।
शोध संस्थान में दुनिया के सबसे बड़े साइज की कुरआन के साथ ही अरबी-फारसी की दुर्लभ ग्रंथों के साथ ही फारसी में हस्तलिखित रामायण, महाभारत सहित कई धर्मों के ग्रंथ मौजूद है।
साथ ही दर्शनशास्त्र, खगोलशास्त्र, गणित, विज्ञान, तिब सहित कई विषयों एवं इतिहास की जानकारी देने सैंकडों साल पुरानी दुर्लभ पुस्तकें मौजूद है। कैलीग्राफी कला के भी कई अद्भूत नमूने भी यहां पर देखे जा सकते हैं। यहां कई ऐसी पुस्तकें एवं शिजरे हैं, जो दुनिया में और कहीं नहीं मिलते हैं।












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