Success Story: राजस्थान में यह जगह बनी नारी शक्ति की मिसाल, पूर्व CM वसुंधरा राजे ने शेयर की पूरी कहानी
Success Story Rajasthan: ''नारी, तू कोमल है पर कमज़ोर नहीं। पढ़ने-लिखने और आगे बढ़ने के अवसर मिले तो सियासत से लेकर कानून व्यवस्था तक में कामयाबी की नई कहानी लिख सकती हो।'' इसकी एक बानगी राजस्थान का झालावाड़ है, जो नारी शिक्त की मिसाल है। यहां की महिलाओं की सक्सेस स्टोरी पूर्व मुख्यमंत्री राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर शेयर की है।
दरअसल, झालावाड़ में विधायक, पुलिस अधीक्षक, जिला प्रमुख, चेयरमैन, प्रधान जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं काबिज हैं और बखूब जिम्मेदारी निभा रही हैं। अब इसी कड़ी में झालावाड़ में शुरू हुई पिंक पाटन-पिंक डिस्पेंसरी (Pink Patan-Pink Dispensary) का नाम भी शामिल हो गया है। पिंक डिस्पेंसरी की संचालन की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई है। यह राजस्थान का पहला पिंक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Rajasthan's first pink primary health center Jhalawar) बन गया है।

वसुंधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर 'खूबसूरती की इंतहा बेपनाह देखी, जब मुस्कुराती हुई मैंने माँ देखी!!!' आज झालावाड़ में पिंक पाटन-पिंक डिस्पेंसरी का लोकार्पण किया। झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र के झालावाड़ शहर की इस शहरी डिस्पेंसरी में सब कुछ पिंक। बिल्डिंग पिंक। स्टाफ की यूनिफॉर्म पिंक। अधिकांश उपकरण व संसाधन भी पिंक। 'विशेष बात, पीएचसी में पूरा स्टाफ यानी चिकित्सक, कंपाउंडर, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, हेल्पर, स्वीपर सब की सब महिलाएं!
वसुंधरा राजे का जन्मदिन भी महिला दिवस को
वसुंधरा राजे सिंधिया ने पोस्ट में आगे लिखा कि यह भी सुखद संयोग ही है कि यहाँ की विधायक मैं पिंक, पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर पिंक, जिला प्रमुख प्रेम डांगी पिंक, झालरापाटन चेयरमैन वर्षा चांदवाड़ पिंक, पिड़ावा चेयरमैन कौशल्या पाटीदार पिंक, झालरापाटन प्रधान भावना झाला पिंक और पिड़ावा प्रधान सीता भील पिंक। महिलाओं को सम्मान देने व उनका मनोबल बढ़ाने के लिए झालावाड़ में यह नवाचार किया गया महिला अंतरराष्ट्रीय दिवस 8 मार्च को। संयोग से उस दिन मेरा जन्म दिवस भी होता है।

वसुंधरा राजे सिंधिया का जीवन परिचय
वसुंधरा राजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता हैं और राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनका जीवन और राजनीतिक करियर निम्नलिखित बिंदुओं में प्रस्तुत है:
जन्म: 8 मार्च 1953 को मुंबई में।
परिवार: ग्वालियर के पूर्व महाराजा जीवाजीराव सिंधिया और राजमाता विजयाराजे सिंधिया की पुत्री।
शिक्षा: प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट, कोडईकनाल से स्कूली शिक्षा; सोफिया कॉलेज, मुंबई से अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में स्नातक।
विवाह: धौलपुर के महाराजा हेमंत सिंह से।
संतान: एक पुत्र, दुष्यंत सिंह, झालावाड़ से भाजपा सांसद

वसुंधरा राजे सिंधिया का राजनीतिक करियर
1984: भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य बनीं।
1985: राजस्थान विधानसभा में धौलपुर से विधायक चुनी गईं।
1987: भाजपा युवा मोर्चा, राजस्थान की उपाध्यक्ष नियुक्त।
1989-2003: झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार सांसद निर्वाचित।
1998-1999: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विदेश राज्य मंत्री रहीं।
1999-2001: केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में लघु उद्योग, कृषि और ग्रामीण उद्योग मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।2003-2008: झालावाड़ के झालरापाटन से विधायक चुनकर राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
2013-2018: दूसरी बार राजस्थान की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
2018: झालरापाटन विधानसभा सीट से पुनः विधायक चुनी गईं, लेकिन भाजपा सरकार बनाने में असफल रही।
2023: झालरापाटन से पांचवी बार विधायक बनीं। इस बार सीएम नहीं बन पाईं।

Who is IPS officer Richa Tomar: कौन हैं आईपीएस अधिकारी ऋचा तोमर
आईपीएस अधिकारी ऋचा तोमर का जीवन संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी है। उनका जीवन परिचय निम्नलिखित बिंदुओं में प्रस्तुत है।
जन्म और प्रारंभिक जीवन: ऋचा तोमर का जन्म 26 दिसंबर 1986 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हसनपुर जिवानी गांव में हुआ। वे छह भाई-बहनों में चौथे स्थान पर हैं। उनके पिता, राजेंद्र पाल सिंह, एक किसान हैं, जिन्होंने अपनी सभी संतानों को उच्च शिक्षा दिलाई।
शिक्षा: ऋचा ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से बीएससी में टॉप किया और माइक्रोबायोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। उन्होंने नेट परीक्षा और जेआरएफ भी उत्तीर्ण किया है।
विवाह और परिवार: ऋचा के पति दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर कार्यरत हैं। उनका एक पुत्र है।
आईपीएस ऋचा तोमर का सर्विस रिकॉर्ड
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2015 में सफलता हासिल करने वालीं ऋचा तोमर 2016 बैच की राजस्थान कैडर की आईपीएस हैं।
झालावाड़ एसपी से पहले ऋचा ने जयपुर आयुक्तालय व नई दिल्ली में सेवाएं दीं।
प्रशिक्षण और पुरस्कार: सारदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान, ऋचा को 'सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड महिला प्रोबेशनर' के रूप में आईपीएस बैच की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
झालावाड़ में योगदान: वर्तमान में झालावाड़ जिले की एसपी के रूप में, ऋचा ने कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था में सुधार किया और तस्करी से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त की।
विशेष उपलब्धियां:
प्रेरणादायक व्यक्तित्व: ऋचा की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो शादी और मातृत्व के बाद भी अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।
सामुदायिक पहल: उन्होंने 'ऑपरेशन निर्भीक' और 'ऑपरेशन संस्कार' जैसी सामुदायिक पुलिसिंग पहलों की शुरुआत की, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आए।
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