जानलेवा हिंसा के बाद छावनी बना राजस्थान विश्वविद्यालय, छात्रसंघ चुनाव के लिए आज है मतदान
जयपुर। जयपुर, झुंझुनूं सहित कुछ जिलों में छात्रों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद शुक्रवार को राजस्थान छात्रसंघ चुनाव को लेकर पूरे प्रदेश के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में मतदान हो रहा है। यहां जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पर हुए जानलेवा हमले के बाद पूरे विश्वविद्यालय को छावनी में बदल दिया गया है। जो भी संवेदनशील कॉलेज व विश्वविद्यालय हैं, हिंसा की आशंका को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। प्रत्याशी प्रवेश द्वारों पर मतदाताओं को मनाने-लुभाने में जुटे हुए हैं।

सभी विश्वविद्यालय प्रशासन व कॉलेज प्रशासन ने मतदान को देखते हुए एक दिन पूर्व तैयारी पूरी कर ली थी। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया। मतदान दोपहर एक बजे तक चलेगा। अभी तक मतदान को लेकर कहीं से भी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। प्रत्येक मतदाता अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव चुनेगा। इधर, जोधपुर संभाग में मतदान की तिथि 10 सितम्बर तय की गई है। इसके बाद 11 सितम्बर को सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की मत पेटियां मतपत्र गिनने के लिए खोली जाएंगी। दौसा में भी छात्र हिंसा के कारण पूरे जिले में पुलिस तैनात है। यहां 2013 के छात्रसंघ चुनाव के दौरान भी हिंसात्मक घटनाएं हुई थीं। भरतपुर, अलवर, बारां, नागौर, भीलवाड़ा, बीकानेर सहित सभी जिलों के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में मतगणना जारी है और सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है। संवेदनशील इलाकों में अधिक पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदेश में करीब आठ लाख छात्र मतदान करेंगे।
जयपुर में 94 बूथ 22991 मतदाता
राजस्थान की राजधानी भी छात्रसंघ चुनावों के माहौल में डूबी हुई है। जयपुर में कुल 94 बूथों पर मतदान हो रहा और कुल मतदाता 22991 छात्र मतदाता अपने नेता का चुनाव करेंगे। मतदान को शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए पुलिस बल हर जगह तैनात है। पुलिस कमिश्नर संजय अगवाल ने छात्रसंघ के चुनावों को देखते हुए जिले के पुलिस अधिकारियों को शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सजग और सतर्क होकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वितीय गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय और सम्बद्ध कॉलेजों में चुनाव के दिन पुलिस की विशेष व्यवस्था रहेंगी। प्रत्येक मतदाता चार वोट राजस्थान विश्वविद्यालय अध्यक्ष, महासचिव, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव को देगा और इतने ही वोट अपने कॉलेज के प्रत्याशियों के लिए देगा।












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