RakshaBandhan : इस बहन ने अपने भाई को 7 साल तक नहीं बांधी राखी, वजह आंखें नम करने वाली
यूपी के शाहजहांपुर से लापता बहन भाई को सात साल बाद अपना घर आश्रम भरतपुर में मिली
भरतपुर, 11 अगस्त। भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलई पर राखी बांधकर उनकी लम्बी उम्र की कामना कर रही हैं, मगर हम आपको मिलवाते हैं एक ऐसी बहन से जो बीते सात साल से अपने भाई को राखी नहीं बांध सकी। इस बार इसने भी अपने भाई को राखी बांधी है। सात साल की दूरी की वजह जानकर हर किसी की आंखें नम हो गई।

आरती नाम की युवती मानसिक स्थिति ठीक नहीं
दरअसल, हुआ यूं कि आरती नाम की युवती मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सात पहले लापता हो गई थी। भाई व परिजनों ने आरती को सब जगह ढूंढा, मगर आरती का कुछ पता नहीं चला। अब राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में इन भाई-बहन का मिलन रक्षाबंधन से एक दिन पहले हुआ है। बुधवार सुबह आरती का भाई उससे मिलने पहुंचा। गुरुवार को उसने अपने भाई शिवकुमार की कलई पर राखी बांधी।

लखनऊ के अपना घर आश्रम से लाया गया
अपना घर आश्रम भरतपुर की अध्यक्ष बबीता गुलाटी ने बताया कि एक माह पहले बझेरा स्थित अपना घर आश्रम में लखनऊ के अपना घर आश्रम से 35 वर्षीय आरती को लाया गया। उस समय आरती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। अपना घर आश्रम में उपचार किया गया और काउंसलिंग की गई। मानसिक स्थिति थोड़ी ठीक होने पर आरती ने अपने घर का पता उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बताया।
भरतपुर की टीम ने आरती के परिजनों से संपर्क किया
इसके बाद अपना घर आश्रम भरतपुर की टीम ने आरती के परिजनों से संपर्क किया और उनके भाई शिवकुमार से बात हुई। शिवकुमार को उनकी बहन के जीवित होने की सूचना दी। बुधवार को अपनी बहन को लेने पहुंचे शिवकुमार के अनुसार मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से 7 साल पहले आरती अपने ससुराल से लापता हो गई थी।

सकुशल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी
काफी तलाश के बावजूद आरती का सुराग नहीं लगा तो परिजनों ने उसकी सकुशल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन अब अचानक से अपना घर आश्रम से आरती के जीवित और स्वस्थ होने की सूचना मिली। जहां लेने के लिए उसे भाई पहुंचा। वो भी रक्षाबंधन पर्व के एक दिन पहले। भाई से मिलने की खुशी आरती के चेहरे पर खुशी देखते बन रही थी।












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