चरवाहे भाइयों की बेटियां बनेंगी डॉक्टर, जयपुर की संस्था उठाएगी फीस, हॉस्टल व मैस का खर्च
जयपुर जिले के जमवारामगढ़ के चरवाहे नन्छूराम यादव व हनुमान सहाय यादव की बेटी रितु व करीना ने नीट क्रैक की। अब एमबीबीएस करके डॉक्टर बनेंगी।
मां पढ़ी-लिखी नहीं। पिता चरवाहे। घर पर आय का जरिया भी पशुपालन। ऐसे परिवार में पली-बढ़ी दो बेटियां अब डॉक्टर बनने वाली हैं।

गरीब परिवार की इन बेटियों की आगे की पढ़ाई का खर्च जयपुर की एक संस्था उठाएगी। जिसकी वजह से संस्था की हर जगह चर्चा हो रही है।
जमवारामगढ़ तहसील के गांव नांगल तुलसीदास निवासी हनुमान सहाय यादव और उनके सगे भाई नन्छूराम यादव बकरियां चराते हैं। इनकी बेटी रितु ने 645 और करीना ने 680 अकों के साथ नीट क्रैक की।
अब जयपुर की शोपिंग फ्यूचर संस्था ने दोनों चचेरी बहनों की डॉक्टरी की पढ़ाई खर्च उठाने का फैसला लिया है। इनकी एमबीबीएस की फीस, हॉस्टल व मैस का पूरा खर्च यह संस्था ही उठाएगी।

संस्था से जुड़े सीए अनिल खंडेलवाल ने बताया कि पांच करोड़ के फंड वाली इस संस्था से देशभर से 200 सदस्य जुड़े हैं। एक स्क्रीनिंग कमेटी भी बनी हुई है। कमेटी की रिपोर्ट पर ही जरूरतमंद बच्चों को प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई में आर्थिक मदद दी जाती है।












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