शहीद बिजेंद्र सिंह व अजय सिंह को अंतिम विदाई देने उमड़े लोग, भारत माता के जयकारों से गूंजे डूमोली व भैसावता
Shaheed Jhunjhunu Rajasthan: जम्मू के डोडा में 15 जुलाई 2024 की रात को आतंकी हमले में शहीद हुए बिजेंद्र सिंह दारौता की पार्थिव देह बुधवार दोपहर को उनके पैतृक गांव डूमोली खुर्द पहुंची। डूमोली खुर्द की ढाणी में थोड़ी देर बाद राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार होगा।
उधर, बिजेंद्र सिंह दारौता के साथ पड़ोसी गांव भैसावता कलां के अजय सिंह नरूका भी डोडा आतंकी हमले में शहीद हुए हैं। उनकी भी पार्थिव देह घर पहुंची चुकी है। दोनों शहीदों के शव जम्मू से विशेष विमान के जरिए सुबह जयपुर पहुंचे थे।

जयपुर में कई लोगों ने शहीदों को नमन किया और जयपुर एयरपोर्ट से भारतीय सेना के ट्रकों में रखकर पार्थिव देह दोपहर को सिंघाना लाई गई और फिर यहां से अजय सिंह नरूका व बिजेंद्र सिंह दारौता के गांवों में पहुंची।
सिंघाना से गांव भैसावता और डूमोली खुद तक युवाओं ने तिरंगा रैली निकाली। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह शहीदों की पार्थिव देह पर पुष्प बरसाए गए। युवाओं में भारत माता जिंदाबाद के नारों से आसमां गूंजा दिया।
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शहीद बिजेंद्र सिंह दारौता का शव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। मां धौली देवी व पत्नी अंकिता बेसुध हो गई। पिता रामजीलाल और चार के बेटे विहान और एक साल के बेटे किहान का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

बिजेंद्र सिंह पार्थिव देह लेकर आए 44 RR (राष्ट्रीय राइफल्स) में तैनात रींगस के रहने वाले राहुल शर्मा ने मीडिया से बताया कि अजय सिंह नरूका और बिजेंद्र सिंह दौराता में गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ सेना में भर्ती हुए थे। साथ ही ट्रेनिंग की थी। ट्रेनिंग के दौरान एक साथ ही खाना खाते थे और एक ही जगह सोते थे।
शहीद अजय नरूका और बिजेंद्र दौराता ने एक साथ भारतीय सेना ज्वाइन की थी। दोनों ही वर्तमान में एक साथ एक ही जगह पर राष्ट्रीय रायफल्स में जम्मू कश्मीर के डोडा में तैनात थे। दोनों एक साथ वीरगति को प्राप्त हो गए और आज 17 जुलाई को दोनों का अपने-अपने गांवों में अंतिम संस्कार हो रहा।












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