Saroj Kumari: बिछड़ों को अपनों से मिला रहीं ये IPS, सरकारी स्कूल में पढ़कर क्रैक की थी UPSC
IPS Saroj Kumari Success Story: बीते 13 साल से भारतीय पुलिस सेवा में हूं। कई पदों पर सेवाएं दी हैं, मगर पिछले सालभर की पोस्टिंग ताउम्र भूल नहीं पाऊंगी, क्योंकि इसमें बिछड़ों को अपनों से मिलाकर अलग ही सुकून मिल रहा है। यह कहना है गुजरात के वडोदरा में पश्चिमी रेलवे पुलिस अधीक्षक आईपीएस सरोज कुमारी का।
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आईपीएस सरोज कुमारी ने बतौर रेलवे एसपी लापता लोगों को तलाशने, लापता होने की कई चौंकाने वाली वजह से लेकर अपने गांव-गुवाड़, सरकारी स्कूल में पढ़ाई और यूपीएससी की सक्सेस स्टोरी शेयर की।

आईपीएस सरोज कुमारी बताती हैं कि अगस्त 2023 में वडोदरा में पश्चिमी रेलवे की एसपी पद पर हैं। मध्य प्रदेश के दाहोद से लेकर अहमदाबाद व वापी होते मुम्बई तक के एरिया की जिम्मेदारी इनके पास है। इतने लंबे ट्रैक पर हर माह औसतन 60 लापता लोगों को तलाशकर परिजनों से मिलाया जा रहा है।
लापता लोगों के संबंध में रेलवे थानों व रेल मदद पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों को निपटाने के लिए बनाई गई SHE टीम सीधे आईपीएस सरोज कुमारी को रिपोर्ट करती है। SHE टीम में पांच-पांच पुलिसकर्मी हर रेलवे पुलिस थाने में कार्यरत हैं। यह टीम अपने बेहतरीन काम के दम पर कई बार राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुकी है।
कोई गरबा देखने आया तो कोई जान देने
बीच सफर बिछड़ जाने और परिजनों को बिना बताए ट्रेन का सफर करने वाले (लापता) कई लोगों की कहानियां बड़ी रोचक होती है।
1. रेलवे पुलिस की शी टीम को वड़ोदरा पुलिस स्टेशन पर सात-आठ साल के दो स्कूली बच्चे मिले थे, जो स्कूल ड्रेस में थे। उनके पास स्कूल बैग था। पता चला कि वे आणद के रहने वाले थे। वड़ोदरा का गरबा देखने के लिए स्कूल से भागकर आ गए थे।
2. पुण व मुम्बई के एक लड़की व लड़के की कहानी मिलती जुलती थी। लड़की को घर वालों ने मोबाइल को अत्यधिक इस्तेमाल करने पर टोका था जबकि लड़के को डांट इसलिए पड़ी थी कि घर पर उसके हाथ से किसी सामान का नुकसान हो गया था। दोनों घर से लापता हो गए थे। ट्रेन में सफर करते हुए आईपीएस सरोज कुमारी की टीम मिले थे।
3. कच्छ गुजरात के रहने वाले एक व्यापारी मुम्बई में रहते थे। उनकी पत्नी व मां में आए दिन झगड़ा होता था, जिससे परेशान होकर वे जान देने के लिए घर निकल गए। पत्नी की सूचना पर पुलिस ने उनको चलती ट्रेन से रेस्क्यू किया। वे गीता पढ़ते हुए मिले।
कौन हैं आईपीएस सरोज कुमारी
सरोज कुमारी राजस्थान के झुंझुनूं जिले की चिड़ावा तहसील के गांव बुडानिया की रहने वाली हैं। इनका जन्म गांव बुडानिया के पूर्व फौजी बनवारी लाल मेघवाल व सेवा देवी के घर हुआ। सरोज कुमारी ने गांव के सरकारी स्कूलों में पढ़कर साल 2011 में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की। इनकी शादी जाने माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार सैनी से हुई है। दो बच्चे हैं।












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