क्या सचिन पायलट अपनी पार्टी बनाकर लड़ेंगे चुनाव, प्रशांत किशोर की IPAC से लेंगे मदद?
राजस्थान में कांग्रेस को तगड़ा झटका लग सकता है। सचिन पायलट के इसी महीने नई पार्टी लॉन्च करने की खबरें हैं। उनका प्रशांत किशोर से जुड़ी IPAC से भी डील होने की जानकारी है।

राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ सही होने के दावों के बीच जानकारी है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज चल रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपनी नई पार्टी लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इतना ही नहीं, जानकारी के मुताबिक वे तो इसके लिए चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से जुड़ी कंपनी IPAC से भी डील कर चुके हैं।

इसी महीने अपनी पार्टी लॉन्च कर सकते हैं पायलट-रिपोर्ट
न्यूजलॉन्ड्री वेबसाइट की एक रिपोर्ट ने राजस्थान की राजनीति को गर्मा दिया है। इसके मुताबिक सत्ताधारी कांग्रेस को चुनाव से पहले बहुत बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक सचिन पायलट इसी महीने अपनी नई पार्टी लॉन्च करने की घोषणा कर सकते हैं।

'सचिन पायलट के इरादे पूरी तरह से साफ हैं'
इस रिपोर्ट के अनुसार पायलट ने इसके लिए 'कुछ समय पहले' प्रशांत किशोर की आईपीएसी की सेवाएं ली हैं और बहुत अधिक संभावना है कि वह अपनी पार्टी लॉन्च कर रहे हैं। एक अज्ञात सूत्र ने न्यूजलॉन्ड्री से कहा है, 'सचिन पायलट के इरादे पूरी तरह से साफ हैं।'

कांग्रेस बार-बार कर रही है सबकुछ ठीक होने का दावा
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के मसले में पर अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ झुकने को तैयार नहीं दिख रहे पायलट के तेवरों को देखकर कांग्रेस ने गुरुवार को कहा था कि पार्टी सर्वोपरि है और राजस्थान विधानसभा का चुनाव सब मिलकर लड़ेंगे और पार्टी जीत दर्ज करेगी।

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गहलोत सरकार के खिलाफ पायलट ने खोल रखा है मोर्चा
इससे पहले पायलट ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक में एक जनसभा के दौरान पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कार्रवाई की मांग दोहराई थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि न्याय मांग रहे युवाओं के मसले पर कोई समझौता नहीं हो सकता, जिनकी सरकारी नौकरियों वाली परीक्षाएं पेपर लीक होने की वजह से रद्द हुई हैं।

हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे- कांग्रेस
उनका कहना था, 'युवाओं के साथ जहां तक न्याय का प्रश्न है, मुझे लगता है कि किसी तरह के समझौते की कोई संभावना नहीं है।' इसके जवाब में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा था कि 29 मई को पार्टी के बड़े नेताओं ने गहलोत और पायलट के साथ सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर ली है। उन्होंने पार्टी में एकजुटता का दावा दोहराया था।

रमेश के मुताबिक, 'हमें पूरा भरोसा है कि राजस्थान में हम बड़ी जीत के साथ सरकार में वापस लौटेंगे। 29 मई को जो भी बातचीत हुई थी, उसे ही आगे बढ़ाया जाएगा।' वो बोले थे, 'पार्टी सर्वोपरि है, यह निर्विवाद है। हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीतकर आएंगे।'
वैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के कुछ ही दिनों बाद पायलट ने अपने पुराने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे और भ्रष्टाचार के खिलाफ गहलोत सरकार पर दबाव बनाना जारी रखा था। पायलट के करीबी सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ चुकी है कि पायलट जो मुद्दे उठाते रहे हैं, उसे अनसुना किया गया है। गौरतलब है कि गहलोत-पायलट विवाद के कुछ विषयों को आला कमान के विवेक पर छोड़ने की बात भी कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कही जा चुकी है।












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