सचिन पायलट के फिर बदले सुर, कहा- 'सुलह कमेटी पर फौरन लिया जाए एक्शन, सोनिया गांधी पर भरोसा लेकिन...'
सचिन पायलट के फिर बदले सुर, कहा- 'सुलह कमेटी पर फौरन लिया जाए एक्शन, सोनिया गांधी पर भरोसा लेकिन...'
जयपुर, 15 अप्रैल: राजस्थान में पिछले साल जुलाई 2020 में कांग्रेस में सीएम अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के बीच सियासी तनातनी देखने को मिली थी। कांग्रेस हाईकमान के बीच-बचाव के बाद अगस्त में सचिन पायलट की फिर सुलह भी हो गई थी। राज्य में कांग्रेस नेताओं के बीच तालमेल बनाने के लिए पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने सुलह कमेटी बनाई थी। सचिन पायलट ने अब कमेटी में बनी सहमति के बिंदुओं पर फौरन कार्रवाई करने की मांग उठाई है। सचिन पायलट ने बुधवार (14 अप्रैल) को स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले साल अगस्त में कांग्रेस द्वारा एक सुलह कमेटी बनाई गई थी लेकिन अभी तक उसके बिंदुओं पर विचार नहीं किया गया है। दुर्भाग्यवश अहमद पटेल का निधन हो गया और उसपर काम रूक गया था। लेकिन अब इसमें क्यों देरी की जारी रही है, ये मुझे समझ में नहीं आ रहा है, क्योंकि अब देरी करने की कोई वजह नहीं दिखाई दे रही है। सचिन पायलट ने कहा, मुझे पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर पूरी भरोसा है। लेकिन अब सुलह कमेटी पर एक्शन लेने की कोई देरी होने की वजह नहीं है।

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राजनीतिक नियुक्तियों पर सचिन पायलट ने कहा, सोनिया गांधी पर तो मुझे पूरा विश्वास है। उन्ही के आदेश पर ये कमेटी बनाई गई थी। फिलहाल कमेटी में दो ही सदस्य हैं। उपचुनाव भी आने वाले कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएंगे। पांच राज्यों के चुनाव भी खत्म होने वाले हैं। ऐसे में मुझे तो देरी का कोई कारण नहीं दिखता है। मुझे लगता है कि सरकार को 2.5 साल हो चुके हैं, चुनावी घोषणा पत्र के कुछ वादे तो पूरे किए गए हैं लेकिन कुछ अभी भी बाकी हैं, जिन्हें पूरा किया जाने की जरूरत है। शेष कामों को तेजी से पूरा करने के लिए राजनीतिक नियुक्तियां और मंत्रिमंडल में फेरबदल करना होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बुधवार को विश्वास जताया कि पार्टी 17 अप्रैल को उपचुनावों के लिए राजस्थान की सभी तीन विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी। सचिन पायलट ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कांग्रेस सभी तीन विधानसभा सीटों सहारा (भीलवाड़ा), सुजानगढ़ (चूरू) और राजसमंद पर जीत हासिल करेगी। हमने सरकार के कामों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया है। लोग भाजपा में विभाजन और संघर्ष से नाखुश हैं। भाजपा मजबूत विपक्ष की भूमिका को पूरा करने में विफल रहे हैं। पायलट ने कहा, केंद्र भी सभी मोर्चों पर विफल रहा है जैसे मुद्रास्फीति और कृषि कानून और लोग इसे देख रहे हैं।












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