Rajasthan: क्या कांग्रेस की जीत के बाद CM पद के लिए खेला होगा? सचिन पायलट ने नामांकन रैली में कही ये बात
Sachin Pilot Tonk: राजस्थान चुनाव 2023 में कांग्रेस उम्मीदवारों की चौथी सूची होने से पहले सचिन पायलट ने टोंक से नामांकन पत्र दाखिल किया और राजस्थान के अगले सीएम पर भी बयान दिया।
Who will Rajasthan CM Ashok Gehlot or Sachin Pilot: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सचिन पायलट ने 31 अक्टूबर को टोंक विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान सचिन पायलट ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। (वीडियो नीचे)
अपनी नामांकन रैली में मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने सीएम अशोक गहलोत से अपने सियासी रिश्तों से लेकर राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री तक पर बात की।

टोंक से बतौर कांग्रेस उम्मीदवार दूसरी बार चुनाव मैदान में उतरे सचिन पायलट ने कहा कि मुझे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी ने कहा है कि माफ करो। भूल जाओ और आगे बढ़ो। मैं उसी लाइन पर चल रहा हूं। माफ कर दिया। भूल गया और आगे बढ़ रहा हूं।
सचिन पायलट ने कहा कि मैं तो सिर्फ अपनों शब्दों के लिए जिम्मेदार हूं। कोई और क्या बोलता है? यह महत्वपूर्ण नहीं है। हमें तो राजस्थान चुनाव में जीतना है। सरकारी बनानी है। 2024 में भी चाहते हैं कि इंडिया की सरकार बने। कांग्रेस की सरकार बने।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस के सीएम फेस के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी का ऐसा कोई सीएम चेहरा घोषित नहीं होता। हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जीतने के बाद विधायल दल जिसको चाहेंगे और आलाकमान जिसे जिम्मेदारी देगा वो सीएम होगा।
'लोग सचिन पायलट को सीएम पद पर देखना चाहते हैं' के सवाल पर पायलट ने जवाब दिया कि लोगों की भावना यह हो सकती है, मगर पार्टी में प्रक्रिया होती है। चुनाव जीतने के बाद बहुमत आता है और फिर नेतृत्व तय करता है कि कौन सरकार को लीड करेगा?
उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 जीतने के बाद सचिन पायलट के समर्थकों ने उनको सीएम बनाए जाने की मांग उठाई थी। आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद अशोक गहलोत सीएम व सचिन पायलट डिप्टी सीएम बने थे।
महज दो साल बाद 2020 में ही अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच सत्ता को लेकर फिर सियासी संघर्ष हो गया था। सचिन पायलट ने अपने समर्थक विधायक के साथ मानेसर के होटल में डेरा डाल लिया था जबकि अशोक गहलोत अपने गुट के विधायकों के साथ जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में चले गए थे।
अशोक गहलोत ने तो सचिन पायलट को निकम्मा तक कह दिया था। हालांकि अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच सियासी मनमुटाव कहने तो आलाकमान ने खत्म करवा दिया था, मगर अब राजस्थान कांग्रेस की टिकटों में भी उसका असर दिख रहा है। दोनों ही नेता कह रहे हैं कि हम एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में अगर कांग्रेस जीतती है तो यह बात देखने लायक होगी कि इस बार भी अशोक गहलोत ही सीएम बनते हैं या फिर सत्ता सचिन पायलट के हाथ में आती है। फिलहाल इस सवाल के जवाब की तस्वीर धुंधली है।
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