Right to Health Bill: क्या है राइट टू हेल्थ बिल, जिसे पास करके Rajasthan बना देश का पहला राज्य
राज्स्थान में राइट टू हेल्थ बिल के प्रावधानों को उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपए तक के जुर्माने तक का प्रावधान है।

Right to Health Bill Rajasthan 2023: राजस्थान विधानसभा में हंगामे के बीच 20 मार्च 2023 को राइट टू हेल्थ (स्वास्थ्य के अधिकार) बिल पास कर दिया गया। अब भारत में राजस्थान ऐसा पहला राज्य बन गया, जिसने राइट टू हेल्थ बिल पारित किया है।
राइट टू हेल्थ बिल में मरीज, डॉक्टरों व अस्पतालों के लिए प्रावधान हैं। यह बिल पास होने का सीधा सा मतलब यह है कि राजस्थान में अब भी सरकारी व निजी अस्पताल मरीज के लिए इलाज से इनकार नहीं कर सकेगा।
राइट टू हेल्थ का उल्लंघन होने पर 10 से 15 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। पहली बार में जुर्माना दस हजार व इसके बाद 25 हजार तक पहुंच जाएगा। आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों में भी मरीज का निशुल्क इलाज करना होगा। इसके लिए अगल से फंड बनेगा।
राइट टू हेल्थ बिल की शिकायतें सुनने और अपील के लिए जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण और राज्य सत्र पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण बनेगा। प्राधिकरण के फैसले को किसी सिविल कोर्ट में चुनौती भी नहीं दी जा सकेगी। राइट टू हेल्थ बिल पर राजस्थान विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में जककर बहस हुई।
बहस के दौरान राजस्थान चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि डॉक्टर अपने धर्म को भूल गए। मूल बिल में इमरजेंसी को लेकर विरोध था। हमने आपने जैसा कहा वैसा किया। इमरजेंसी में फ्री इलाज का खर्च राजस्थान सरकार उठाएगी। राशि पुनर्भरण किए जाने का प्रावधान है।
राइट टू हेल्थ बिल के प्रावधानों के खिलाफ राजस्थान के डॉक्टरों द्वारा आंदोलनात्मक कदम उठाने पर चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि डॉक्टर राजस्थान सरकार को डराने की कोशिश ना करें। डॉक्टर आंदोलन करें। आंदोल करने कौन मना करता है। डॉक्टरों का पहला धर्म इलाज करना होता है। वे अपना धर्म निभाएं।












Click it and Unblock the Notifications