रणथंभौर में गणेशजी को चाचा की शादी का निमंत्रण देने आए 7 वर्षीय बच्चे को उठा ले गया टाइगर, आंखों देखा मंजर?
Ranthambore Tiger Attack: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में सवाई माधोपुर जिले में रणथंभौर नेशनल पार्क में हर किसी को झकझोर देने वाला हादसा हुआ है। एक टाइगर सात साल के बच्चे कार्तिक को उठा ले गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह अपने परिजनों के साथ चाचा की शादी का न्योता देने के लिए त्रिनेत्र गणेश मंदिर आया था। वापसी में उस पर बाघ ने हमला कर दिया। कार्तिक के दूसरे चाचा दीपक ने आंखों देखा हाल बयां किया है, जो बेहद खौफनाक है।
दीपक ने बताया कि 'छोटे भाई नरेश की 17 मई 2025 की शादी है। रणथंभौर नेशनल पार्क भगवान त्रिनेत्र गणेश को निमंत्रण देने बुधवार को आए थे। साथ में पिता रामप्रसाद, मां प्रेमबाई, भतीजा कार्तिक व दो पड़ोसी थे। हम लोग बाइक पर सवार होकर आए थे। रणथंभौर नेशनल पार्क में पहुंचने के बाद बाइक पार्किंग में खड़ी करके दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर के लिए पैदल ही रवाना हो गए थे। न्योता देकर वापस लौट रहे थे। रास्ते में कार्तिक की खूब तस्वीरें खींची थी। मैंने कार्तिक की अंगुली पकड़ रखी थी। दोपहर करीब 3 बजे रणथंभौर रोड पर सिंह द्वार के पास अमराई में चढ़ाई के पास अचानक झाड़ियों से बाघ ने झपट्टा मारा और कार्तिक गर्दन दबोचकर उसे जंगल की ओर ले गया। हम उसे चाहकर भी नहीं बचा पाए।'

दीपक के अनुसार ' बाघ करीब 20 मिनट तक कार्तिक के शव के पास बैठा रहा। हमारी आंखों के सामने बच्चे को दम तोड़ता रहा। हम बेबस थे। कुछ भी नहीं कर सके। फिर सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने शोर मचाकर व डंडे फटकार कर बाघ को भगाया। आधा घंटे में टाइगर को खदेड़ दिया। बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि कार्तिक के गले में बाघ के दांतों के गहरे घाव व खून बहने से उसकी मौत हुई है।
वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक अनूप केआर ने बताया कि बाघ के हमले में बच्चे की मौत के बाद त्रिनेत्र मंदिरजी मंदिर मार्ग पर पांच दिन तक श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। बुधवार को बैशास चौथ होने के कारण
श्रद्धालुओं की भीड़ थी। त्रिनेत्र गणेश मंदिर रोड पर दो दिन से टाइगर टी-120 की हलचल देखी जा रही थी। मंदिर के आसपास बाघिन टी 84 की बेटी अन्वी का भी मूवमेंट था। मंदिर का किला क्षेत्र रिद्धि-सिद्धि के शावकों सहित इस बाघ की टेरिटरी बनता जा रहा है।
बता दें कि कार्तिक चौथी कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता द्वारिका लाल मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मां जय बाई की दो संतानों में वह छोटा था। बच्चे पर बाघ के हमले की रणथंभौर अभयारण्य के इतिहास में पहली घटना हुई है। दर्दनाक घटना से बच्चे के परिजन चीत्कार उठे। दादी सड़क पर ही बिलखने लगी। उन्हें महिलाओं ने संभाला। बच्चे का शव पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
उधर, चकेरी में जन सुनवाई छोड़कर सीधे अस्पताल पहुंचे कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को ढाढ़स बंधाया तथा हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वन विभाग के पैकेज के अनुसार मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।
वहीं, कांग्रेस नेता और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि रणथंभौर में 7 साल के कार्तिक की बाघ के हमले में मौत एक तरह से हत्या हत्या है। भाजपा सरकार में प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने अलवर में आवारा कुत्तों के आतंक, कोटा में मरीज की जगह अटेंडेंट की सर्जरी और चूरू में इलाज के लिए भटकते मरीजों का जिक्र कर स्वास्थ्य सेवाओं को भगवान भरोसे बताया।












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