Rakshita Rathore: कौन हैं 20 वर्षीय रक्षिता राठौड़ जो प्रदेश की पहली महिला नौसेना तकनीकी अधिकारी बनीं
भारतीय नौसेना में तकनीकी अधिकारी (सब लेफ्टिनेंट) बनकर इतिहास रचने वाले रक्षिता राठौड़ राजस्थान के नागौर जिले के परबतसर की रहने वाली हैं।

राजस्थान की एक और बेटी ने इतिहास रच दिया है। ये भारतीय नौसना में पहली तकनीकी अधिकारी (सब लेफ्टिनेंट) बनी हैं। कामयाबी की मिसाल बनने वाली इस बेटी का नाम रक्षिता राठौड़ है। बेटी का महज 20 साल की उम्र में भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट पद पर चयन होने के बाद से इनके घर पर बधाई देने पहुंचने वालों का तांता लगा हुआ है।
आईएनएस वलसुरा नौसेना अकादमी जामनगर गुजरात में हुई पासिंग आउट परेड के बाद पहली बार अपने घर पहुंची रक्षिता राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में सफलता की पूरी कहानी बयां की। साथ ही युवाओं को संदेश भी दिया कि कामयाबी का कोई शोर्टकट नहीं होता और मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।

मीडिया से बातचीत में रक्षिता राठौड़ ने बताया कि अपने बैच में वे राजस्थान से इकलौती लड़की थी। प्रथम चयन के बैच में कुल 27 अभ्यर्थी थे, जिसने में देशभर की 18 बेटियां भी शामिल थीं। राजस्थान से एकमात्र अभ्यर्थी होना रक्षिता के लिए जिंदगी का सबसे गौरवशाली पल है।

उल्लेखनीय है कि रक्षिता राठौड़ नागौर जिले के गांव खानुपर के राजेंद्र राठौड़ व पुष्पा रानी की बेटी है। शिक्षक राजेंद्र राठौड़ पिछले 25 साल से परिवार के साथ परबतसर में निवास कर रहे हैं। इनके परिवार से भारतीय नौसेना में जाने वाली रक्षिता पहली शख्स है।

रक्षिता ने शुरुआती पढ़ाई परबतसर के सीमा मेमोरियल विद्यापीठ से की। फिर डॉक्टर बनने की उम्मीद लेकर 11वीं बायोलॉजी से की। सालभर में ही मन बदल गया और पुलिस व भारतीय सेना में जाने की सोचकर बायो की बजाय सांइस मैथ से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। फिर 85 फीसदी अंकों से बीटेक किया।













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