राजस्थान: भाजपा विधायक शोभारानी के वोट को लेकर विवाद, सुभाष चंद्रा ने की खारिज करने की मांग
जयपुर, 10 जून: राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है। यहां एक सीट के लिए कांग्रेस और भाजपा समर्थिल निर्दलीय सुभाष चंद्रा में कड़ा मुकाबला है। कड़े मुकाबले में धौलपुर से भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाह के वोट को लेकर विवाद हुआ है। उनके वोट को सुभाष चंद्रा ने खारिज करने की मांग की है। वहीं भाजपा के कैलाश मीणा के वोट पर भी विवाद है।
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जानकारी के मुताबिक, शोभारानी ने कांग्रेस के प्रमोद तिवारी को अपना वोट दिया है। सुभाष चंद्रा ने उनके वोट को अमान्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शोभा रानी कुशवाहा मतदान कर रही थीं तो उनकी पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षक राजेंद्र राठौर ने उनकी वोट पर्ची ली, जो नियमों के खिलाफ है। सुभाष चंद्रा ने आपत्ति जताते हुए मांग की कि शोभारानी के वोट को इस आधार पर अमान्य घोषित किया जाए।
विधायक को पेटी में डालने से पहले पर्यवेक्षक को अपना वोट दिखाते हैं। राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी शोभा रानी कुशवाहा के वोट में कुछ विसंगतियां होने की बात कही है।
दूसरी ओर गढ़ी विधानसभा से भाजपा विधायक कैलाश मीणा पर पार्टी का आरोप है कि उन्होंने अपना वोट पार्टी एजेंट की जगह पर किसी और को दिखाया। ऐसे में कैलाश मीणा और शोभारानी कुशवाह के वोट खारिज हो सकते हैं। ये दोनों विधायक वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं। इसे पार्टी के भीतर की गुटबाजी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
राजस्थान में बहुत नजदीकी मुकबला
राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटें हैं। कांग्रेस से तीन और भाजपा से एक उम्मीदवार है लेकिन बीजेपी के समर्थन से निर्दलीय कैंडिडेट के तौर पर सुभाष चंद्रा ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। प्रदेश में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 108 है, वहीं बीजेपी के विधायकों की की संख्या 71 है। कांग्रेस दो सीट आसानी से जीत लेगी और बीजेपी एक सीट जीत जाएगी। ऐसे में कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार और निर्दलीय सुभाष चंद्रा के बीच तगड़ा मुकाबला है।












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