Rajasthan Shaheed: भारत-पाकिस्तान युद्ध में झुंझूनूं का इकलौता बेटा शहीद, कौन थे सुरेन्द्र कुमार मोगा?
Rajasthan Shaheed Surendra Kumar Moga Jhunjhunu: भारत-पाकिस्तान युद्ध में हरियाणा के पलवल के लांस नायक दिनेश कुमार के बाद राजस्थान के झुंझुनूं ने भी एक बहादुर फौजी बेटा खो दिया है। सुरेंद्र कुमार मोगा शहीद हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तान के हवाई हमले में शहीद हो गए। वे अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।
भारतीय सेना के मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट के पद पर तैनात सुरेंद्र कुमार मोगा राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा उपखंड के गांव मेहरादासी के रहने वाले थे। 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले के बदले में 6-7 मई 2025 को चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी हमले में फौजी बेटे सुरेंद्र कुमार मोगा की शहादत से गांव में माहौल गमगीन हो गया।

झुंझुनूं कलेक्टर ने सैनिक सुरेंद्र कुमार मोगा की शहादत की पुष्टि है। झुंझुनूं जिला कलेक्टर रामअवतार मीणा ने कहा कि "झुंझुनूं के वीर सपूत सुरेन्द्र कुमार मोगा ने देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। प्रशासन की ओर से परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।"
एकलौते बेटे की शहादत, मां को अब तक नहीं बताया गया
सुरेन्द्र कुमार मोगा अपने बूढ़े माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार के अनुसार, उनकी मां की तबीयत को देखते हुए अभी तक उन्हें बेटे की शहादत की सूचना नहीं दी गई है। घर का माहौल गमगीन है और परिवार वाले इस सदमे को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

चाचा बोले- हर युवा को सेना के लिए प्रेरित करते थे
शहीद के चाचा सुभाष मोगा ने बताया कि सुरेन्द्र बेहद मिलनसार, विनम्र और देशभक्त थे। "वे गांव के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए हमेशा प्रेरित करते रहते थे। उनकी शहादत पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय है।"

अभी तक शहीद सुरेन्द्र कुमार मोगा के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने की तिथि तय नहीं हुई है। सेना से जैसे ही पुष्टि होगी, पूरे गांव में श्रद्धा और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
Who was martyr Surendra Kumar Moga: कौन थे शहीद सुरेन्द्र कुमार मोगा?
- पद: मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट, 39 विंग मेडिकल यूनिट
- निवासी: मेहरादासी गांव, मंडावा, झुंझुनूं (राजस्थान)
- शहादत: जम्मू-कश्मीर, उधमपुर सेक्टर, पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक
- परिवार: माता-पिता के इकलौते बेटे, पीछे छोड़ा 8 साल की बेटी और 5 साल का बेटा
- विशेष योगदान: युवाओं को सेना में भर्ती के लिए मार्गदर्शन













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