राजस्थान में स्कूल भवन ढहा: अभी कितने और स्कूलों में बच्चों पर मंडरा रही 'मौत', शिक्षा मंत्री ने किया खुलासा
राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना इलाके के गांव पीपलोदी में 25 जुलाई 2025 (शुक्रवार) की सुबह सरकारी स्कूल भवन का एक हिस्सा ढहने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। करीब 29 बच्चे घायल हुए हैं। 10 की हालत गंभीर है। राजस्थान में यह अकेला जर्जर सरकारी स्कूल नहीं था। प्रदेश में अन्य कई सरकारी स्कूलों में भी बच्चों के सिर पर 'मौत' मंडरा रही है। आंकड़ा चौंकाने वाला है। इसका खुलासा खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया है।
झालावाड़ में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 7 का क्लासरूम भवन गिरने की घटना के बाद मीडिया से बातचीत में राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि अभी प्राथमिकता घायल बच्चों को बचाना है। उपचार देना है। भगवान करें सभी घायल बच्चे जल्द स्वस्थ हो जाएं।

राजस्थान में हजारों स्कूल भवन जर्जर-शिक्षा मंत्री
राजस्थान में कितने सरकारी विद्यालयों के भवन जर्जर हैं? मीडिया के इस सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान में अभी हजारों की संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जो जर्जर हैं। राजस्थान सरकार चरणबद्ध तरीके से उन जर्जर स्कूलों को ठीक करने के आदेश दे रही है। उन स्कूलों की मरम्मत के लिए करीब 200 करोड़ रुपए स्वीकृति जारी कर दी गई हैं।
सरकारी खर्चे पर होगा बच्चों का इलाज-शिक्षा मंत्री
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में मिडिल स्कूल की दुखद घटना के समाचार मिले हैं। मुझे दुख है कि विद्यालय की छत गिरने से तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई है। अन्य कई बच्चे घायल हुए हैं।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि झालावाड़ जिला कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी घटना के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सभी घायल बच्चों का इलाज सरकारी खर्चे पर हो। पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी कि आखिर यह घटना क्यों हुई? छत क्यों गिरी?
शिक्षा मंत्री ने भी कहा कि जिला कलेक्टर झालावाड़ से बात हुई है। वे घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। इनके अलावा प्राथमिक व माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी और सीडीपीओ को भी मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं। हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने को कहा है।
जर्जर स्कूलों की सूची में इस स्कूल का नाम नहीं-जिला कलेक्टर
मीडिया से बातचीत में झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ का कहना है कि शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि इस तरह हादसे की आशंका वाले स्कूलों की छुट्टी कर दें। जर्जर भवनों वाले स्कूलों की सूची में आज के हादसे वाले स्कूल का नाम नहीं था। पूरे मामले की जांच करवाएंगे। हादसे के दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
झालावाड़ स्कूल हादसे में मृतक बच्चे
मीडिया की खबरों के अनुसार स्कूल भवन गिरने की घटना में छह बच्चों की मौत की शुरुआती जानकारी सामने आई है। तीन बच्चों की तो मौके पर ही मौत हो गई थी। तीन ने बाद में दम तोड़ दिया। मरने वालों में कार्तिक, हरीश, कान्हा, कुन्दन, पायल व प्रियंका का नाम बताया जा रहा है। हालांकि नामों की अभी कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है।
झालावाड़ स्कूल हादसे में घायल बच्चे
बताया जा रहा है कि जिस सातवीं कक्षा के कमरा गिरा, उसमें 35 बच्चे थे। कमरा ढहने से वे मलबे में दब गए। घायलों को आस-पास के लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर घायलों में आरती (9) पुत्री हरकचंद, विशाल (9) पुत्र जगदीश, अनुराधा (7) पिता लक्ष्मण राजू (10) पुत्र दीवान, शाहीना (8) पुत्र जगदीश, मिनी (13) पुत्र छोटूलाल, वीरम (8) पुत्र तेजमल, मिथुन (11) पुत्र मुकेश आदि विद्यार्थी बताए जा रहे हैं।












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