कांस्टेबल आत्महत्या केस: आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम गठित

परिवार संग सुसाईड करने वाले कांस्टेबल के पिता बोले- एससी होने की वजह से किया गया प्रताड़ित

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में रविवार (21 जनवरी) को पुलिस कांस्टेबल के पत्नी और दो बच्चों के साथ आत्महत्या करने के मामले में परिवार ने कहा है कि उसे एससी होने की वजह से उसके ही विभाग के लोगों ने प्रताड़ित किया। परिजनों का कहना है कि लगातार प्रताड़ना की वजह वो तनाव में था, जिसके चलते उसने आत्महत्या की। मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर वो ऊंची जाति से होता तो उसे कभी इस तरह के हालात का सामना नहीं करना पड़ता। नागौर के सुरपालिया थाना क्षेत्र के बागरासर गांव में 21 जनवरी को 38 साल के कांस्टेबल गैनाराम मेघवाल ने पत्नी संतोष, बेटी सुमित्रा और बेटे गणपत के साथ फांसी लगाकार आत्महत्या कर ली थी। सोशल मीडिया पर भी कांस्टेबल ने इस बारे में लिखा और पांच पन्नों का सुसाइट नोट भी छोड़ा है, जिसमें विभाग के ही कर्मचारियों पर लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

कई साल से परेशान था गैनाराम मेघवाल

कई साल से परेशान था गैनाराम मेघवाल

गैनाराम के गांव के लोगों का कहना है कि छह साल पुराने एक केस में विभाग के ही कुछ लोग उसका नाम उठा रहे थे, जिसको लेकर वो परेशान था। उसके गांव के लालूराम ने बताया 'गांव के लोगों को भी इस बात का पता था कि उस पर दबाव है, मेघवाल ने खुद बताया था कि इस केस को लेकर वो तनाव में रहता है और उसे धमकाया भी जा रहा है। मेघवाल के पिता खुमाराम का कहना है कि 2009 में उसके बेटे ने 13 बीघा जमीन खरीदी थी, उस समय असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राधाकिशन माली उसका दोस्त था। माली पर ही गैनाराम को आत्महत्या के लिए मजबूर करने और एससी/एसी एक्ट के तहत मुकदमा हुआ है।

2012 में हुआ एफआईआर

2012 में हुआ एफआईआर

मेघवाल के पिता ने बताया कि 2012 में राधाकिशन माली ने अपने क्वार्टर से गहने चोरी होनी की रिपोर्ट अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई। इसके बाद जमीन के सौदे को लेकर कुछ अनबन के बाद माली ने गैनाराम के बेटे गणपत पर चोरी का संदेह जता दिया। गणपत को गिरफ्तार कराकर मारा-पीटा गया। 2014 में जांच में इस केस को झूठा पाया गया लेकिन माली ने कोर्ट में अर्जी डाल केस को फिर से खुलवा दिया। गैनाराम के भाई ने बताया कि उसके साथ मारपीट भी की गई, उसने अधिकारियों ने मदद को कहा लेकिन उसकी मदद नहीं की गई। इसको लेकर उसे इतना तंग किया गया कि उसको आत्महत्या करनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर डाला सुसाइड नोट

सोशल मीडिया पर डाला सुसाइड नोट

पुलिस ने इस केस में राधाकिशन माली, भवरू खान और रतनरा पर केस दर्ज क्या है। अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम गठित की गई है। आपको बता दें कि गैनाराम ने परिवार के साथ आत्महत्या को सोशल मीडिया पर बताकर की। पुलिस को मौके पर मृतक गैनाराम के हाथ से लिखा पांच पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें नागौर एसपी ऑफिस में तैनात एएसआई राधाकिशन माली पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या के लिए मजबूर होने की बात लिखी गई है। रविवार को पुलिसकर्मी गेनाराम ने परिवार के साथ आत्महत्या करने से पहले तड़के चार बजे सोशल मीडिया पर हाथ से लिखा सुसाइड नोट डाला है, जिसमें उसके साथ परिवार के अन्य सदस्यों के भी हस्ताक्षर हैं।

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