Rajasthan News: इस मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया दिल खोलकर दान, एक दिन में 29 करोड़ का रिकॉर्डतोड़ चढ़ावा
Rajasthan News: मेवाड़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धा ने एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित किया। दिसंबर माह की भंडार गिनती में मंदिर को कुल 29.32 करोड़ रुपये की आय हुई। यह पिछले साल की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है। इस भंडार से न सिर्फ नकद राशि, बल्कि भारी मात्रा में सोना और चांदी भी है। चित्तौड़गढ़ के इस मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। खास तौर पर लोग रोजगार और व्यापार में तरक्की की कामना लेकर यहां चढ़ावा देते हैं।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि 18 दिसंबर को परंपरागत विधि-विधान के साथ भंडार खोला गया था। भक्तों से मिले चढ़ावे और ऑनलाइन दान की गिनती चार चरणों में हुई। मंदिर कार्यालय, दानपात्र और ऑनलाइन दान के माध्यम से भी 6.51 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिला है। मंदिर प्रशासन ने कुल मिलाकर 29.32 करोड़ रुपये के चढ़ावे की पुष्टि की है।

Rajasthan News: मंदिर में दिल खोलकर भक्तों ने किया दान
- मंदिर प्रशासन ने बताया कि भंडार गिनती के पहले दिन यानी 18 दिसंबर को ही 12.10 करोड़ रुपये की नकदी की गिनती हुई थी। इसे एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। दूसरे चरण में 4.73 करोड़, तीसरे में 5.47 करोड़ और चौथे चरण में 49.84 लाख रुपये की गिनती की गई।
- इतनी बड़ी राशि का एक ही दिन में निकलना मंदिर के इतिहास में खास माना जा रहा है।
- भक्तों ने बड़ी मात्रा में सोना-चांदी की चढ़ाई। भंडार से 1250 ग्राम और भेंटकक्ष से 536 ग्राम सोना मिला, जिससे कुल 1786 ग्राम सोना प्राप्त हुआ। 23 दिसंबर 2025 के बाजार मूल्य से देखें, तो सोने के चढ़ावा की कीमत करीब 2.34 करोड़ हुई।
- चांदी के रूप में भंडार से 44.4 किलो और भेंटकक्ष से 55.44 किलो चांदी आई। इस तरह कुल चांदी का आंकड़ा एक क्विंटल से भी अधिक दर्ज किया गया।
पिछले साल की तुलना में ज्यादा चढ़ावा
मंदिर प्रशासन ने बताया कि पिछले साल इसी अमावस्या पर मंदिर को 23.11 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस बार करीब 6.21 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़े सांवलियाजी में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती आस्था का प्रमाण मिल रहा है। प्रदेश ही नहीं दूसरे राज्यों से भी भक्त मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Sanwaliya Seth Temple की व्यापारियों में है मान्यता
सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में है। इसे भगवान श्रीकृष्ण का चमत्कारी धाम माना जाता है। मान्यता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं आसानी से पूरी होती हैं। खास तौर पर कारोबार और रोजगार की तरक्की के लिए इस मंदिर में मन्नत मांगी जाती है। इसलिए इस मंदिर को सेठजी का मंदिर नाम दिया गया है। भक्त भगवान को "सांवलिया सेठ" यानी सेठजी मानकर व्यापार और जीवन की सफलता के लिए मन्नत मांगते हैं। कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से भेंट चढ़ाता है, उसे कई गुना फल मिलता है। यह मंदिर अपनी अपार दान राशि, भव्य भंडार और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के कारण देशभर में प्रसिद्ध है।












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